Baramulla Earthquake : जम्मू-कश्मीर के बारामूला में भूकंप के झटके, 3.6 तीव्रता से दहशत, लोग घरों से बाहर निकले

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सोमवार तड़के 3.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिससे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। राहत की बात यह रही कि शुरुआती रिपोर्टों में किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली। आखिर झटके कितने देर तक महसूस हुए, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Baramulla Earthquake

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 13, 2026

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Baramulla Earthquake : सोमवार तड़के जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, आज तड़के 2 बजे धरती अचानक कांप उठी, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 मापी गई। इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। रात के सन्नाटे में महसूस किए गए इन झटकों के बाद कई इलाकों में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। यद्यपि भूकंप की तीव्रता मध्यम श्रेणी की थी, फिर भी बारामूला और इसके आसपास के क्षेत्रों में इसे काफी स्पष्ट रूप से महसूस किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बन गया।

राहत की खबर: किसी भी जान-माल के नुकसान की नहीं पुष्टि

भूकंप की खबर मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें सक्रिय हो गईं। हालांकि, इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक राहत की बात यह है कि जिले के किसी भी हिस्से से जान-माल के नुकसान या संपत्ति के बड़े पैमाने पर क्षति की कोई खबर नहीं मिली है। स्थानीय अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी तक की स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। भूकंप के झटकों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति का सामना किया जा सके। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और सतर्क रहें।

कश्मीर की भौगोलिक स्थिति और भूकंप का पुराना इतिहास

जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। बारामूला और उसके आसपास के इलाके अक्सर भूकंपीय गतिविधियों के केंद्र में रहते हैं। अगर इसी साल के इतिहास को देखें, तो फरवरी के महीने में भी बारामूला जिले में भूकंप ने दस्तक दी थी। उस समय भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई थी, जिसका केंद्र जिले का ‘पट्टन’ इलाका था। हालांकि उस दौरान भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन बार-बार आ रहे भूकंप के ये झटके इस क्षेत्र की भूगर्भीय अस्थिरता को दर्शाते हैं। वैज्ञानिक और भू-गर्भ विशेषज्ञ लंबे समय से इस क्षेत्र में सावधानी बरतने और बुनियादी ढांचे को भूकंपरोधी बनाने पर जोर देते रहे हैं।

प्रशासन और सतर्कता: आपदा प्रबंधन की तैयारी

भूकंप की इन लगातार घटनाओं ने प्रशासन को और अधिक चौकन्ना कर दिया है। सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग समय-समय पर लोगों को यह जानकारी देते रहते हैं कि भूकंप आने की स्थिति में क्या करना चाहिए। बारामूला में आज तड़के आए झटकों के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। घाटी के लोग इस तरह के झटकों के प्रति अभ्यस्त तो हैं, लेकिन बार-बार आने वाली ये प्राकृतिक घटनाएं हर बार चिंताओं को बढ़ा देती हैं। फिलहाल, बारामूला में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और लोग अपनी दैनिक दिनचर्या में लौट रहे हैं।

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