UP Vidhansabha Chunav 2027: बाराबंकी सीट पर बदलेंगे समीकरण? 2027 चुनाव में होगी कांटे की टक्कर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में बाराबंकी विधानसभा सीट पर सभी की नजरें रहेंगी। सपा के मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर BJP, कांग्रेस और अन्य दल अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। जानिए बाराबंकी सीट का चुनावी इतिहास, वोटर प्रोफाइल, जातीय समीकरण, 2022 का परिणाम और 2027 के संभावित मुद्दे।

UP Assembly Election 2027

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 4, 2026

UP Vidhansabha Chunav 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तारीखों का भले ही ऐलान ना हुआ हो, लेकिन सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरु कर दी है. देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से हर सीट का अपना अलग राजनीतिक महत्व है. इन्हीं में से एक है बाराबंकी विधानसभा सीट (268), जो बाराबंकी जिले की सदर सीट होने के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. राजधानी लखनऊ से सटे होने के कारण यह सीट हमेशा प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल रही है. वर्ष 2027 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP), कांग्रेस (INC) और अन्य दल इस सीट पर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

बाराबंकी विधानसभा सीट: धार्मिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक पहचान

बताते चले कि, बाराबंकी जिला केवल अपनी राजनीतिक सक्रियता के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए भी जाना जाता है. महाभारत काल से जुड़े कुंतेश्वर महादेव मंदिर और ऐतिहासिक पारिजात वृक्ष इस जिले की पहचान हैं. यही कारण है कि यहां धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ राजनीतिक गतिविधियां भी लगातार चर्चा में रहती हैं. बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र, बाराबंकी (एससी) लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली पांच विधानसभा सीटों में से एक है. वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद इसे विधानसभा सीट संख्या 268 का दर्जा मिला.

कितने हैं मतदाता और क्या है वोटर स्ट्रक्चर?

भारत निर्वाचन आयोग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 3,31,731 पंजीकृत मतदाता हैं. इनमें लगभग 1,80,150 पुरुष और 1,51,581 महिला मतदाता शामिल हैं. हालांकि बाद के चुनावों में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई. 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 3,80,419 मतदाता दर्ज किए गए थे.

बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र में कुल 439 मतदान केंद्र बनाए गए थे. वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां 61.35 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत 66.66 प्रतिशत रहा था। यह आंकड़े बताते हैं कि इस सीट पर मतदाताओं की भागीदारी हमेशा अच्छी रही है.

जातीय और सामाजिक समीकरण: किस वर्ग का कितना प्रभाव?

बाराबंकी विधानसभा सीट का चुनावी परिणाम काफी हद तक सामाजिक समीकरणों पर निर्भर करता है. यहां अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक मानी जाती है. इसके अलावा ब्राह्मण, राजपूत और मुस्लिम मतदाता भी चुनाव परिणाम तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

इस विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति (SC) के मतदाताओं की संख्या लगभग 79,470 है, जो कुल आबादी का लगभग 20.89 प्रतिशत है। वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) की संख्या बेहद कम, लगभग 38 मतदाता (0.01 प्रतिशत) है.

ग्रामीण और शहरी मतदाताओं का संतुलन भी इस सीट को रोचक बनाता है. लगभग 69.35 प्रतिशत मतदाता ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े हैं, जबकि 30.65 प्रतिशत मतदाता शहरी क्षेत्र से आते हैं. यही वजह है कि चुनाव प्रचार में ग्रामीण विकास और शहरी सुविधाएं दोनों प्रमुख मुद्दे बनते हैं.

बाराबंकी विधानसभा का चुनावी इतिहास

बाराबंकी सदर विधानसभा सीट का गठन वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद हुआ. पहले ही चुनाव में समाजवादी पार्टी (SP) ने यहां जीत दर्ज की. सपा उम्मीदवार धर्मराज सिंह यादव ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संग्राम सिंह को 22,770 वोटों से हराकर सीट अपने नाम की. यह जीत समाजवादी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी गई क्योंकि उस समय प्रदेश में सपा की सरकार बनी थी और पार्टी को व्यापक जनसमर्थन मिला था.

2022 विधानसभा चुनाव: बाराबंकी सीट पर सपा की बड़ी जीत

बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर देखने को मिली। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने मताधिकार का उत्साहपूर्वक प्रयोग किया। चुनाव परिणाम में समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार धर्मराज सिंह यादव ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार डॉ. रामकुमारी मौर्य को 35,050 वोटों के अंतर से पराजित किया। इस जीत के साथ बाराबंकी विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने अपना मजबूत जनाधार बरकरार रखा।

2017 विधानसभा चुनाव: सपा ने लगातार दूसरी बार दर्ज की जीत

साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी समाजवादी पार्टी ने धर्मराज सिंह यादव पर भरोसा जताया. इस चुनाव में उन्होंने 99,453 वोट हासिल करते हुए बसपा के सुरेंद्र सिंह को 29,705 वोटों के अंतर से पराजित किया। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के हरगोविंद सिंह तीसरे स्थान पर रहे। हालांकि पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था, लेकिन बाराबंकी सदर सीट पर सपा अपना कब्जा बरकरार रखने में सफल रही।

यूपी विधानसभा 2027 में अब सभी की नजर बाराबंकी सीट पर

2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों को देखते हुए बाराबंकी विधानसभा सीट एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में यह सीट प्रमुख मुकाबलों में शामिल रहने की संभावना है। सभी राजनीतिक दल यहां अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। इस हाई-प्रोफाइल सीट से जुड़ी हर बड़ी खबर, चुनावी समीकरण, उम्मीदवारों की घोषणा, सर्वे, राजनीतिक विश्लेषण और चुनाव परिणामों के लिए लगातार जुड़े रहें।

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में किन मुद्दों पर होगा मुकाबला?

वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बाराबंकी सीट पर कई स्थानीय और प्रदेश स्तर के मुद्दे प्रभाव डाल सकते हैं. इनमें रोजगार, किसानों की आय, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रमुख रहेंगी. इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, शहरी विकास और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को लेकर भी राजनीतिक दल मतदाताओं को साधने की कोशिश करेंगे. राज्य स्तर पर सामाजिक समीकरण, गठबंधन की राजनीति और विभिन्न वर्गों के वोट बैंक भी इस सीट के परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।

2027 में मुकाबला रहेगा बेहद दिलचस्प

बाराबंकी विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की उन सीटों में शामिल है, जहां सामाजिक समीकरण, राजनीतिक इतिहास और स्थानीय मुद्दे चुनाव परिणाम को सीधे प्रभावित करते हैं। पिछले दो विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी ने यहां लगातार जीत दर्ज की है, लेकिन 2027 में भाजपा समेत अन्य दल भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या समाजवादी पार्टी अपना गढ़ बचा पाएगी या भाजपा और अन्य दल चुनावी समीकरण बदलने में सफल होंगे। आगामी महीनों में उम्मीदवारों की घोषणा, गठबंधन की स्थिति और चुनाव प्रचार इस सीट को उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में शामिल कर सकते हैं।