Prashant Kishor News: बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले पटना पुलिस द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है। पुलिस ने कई लोगों को यह दावा करते हुए डिटेन किया था कि ये लोग चुनाव की प्रक्रिया को खराब करने की कोशिश कर रहे थे और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-163 (जो पहले IPC की धारा 144 हुआ करती थी) का खुला उल्लंघन कर रहे थे। इस पूरी पुलिसिया कार्रवाई पर जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीखे सवाल खड़े किए हैं और सीधे तौर पर पटना के एसएसपी का नाम लेकर उनकी कार्यशैली पर बड़े आरोप लगाए हैं।
घरों में सो रहे लोगों को उठाने का दावा
बताते चले कि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने दावा किया कि पुलिस जिन लोगों को उपद्रव फैलाने और गड़बड़ी करने के आरोप में उठाकर ले गई है, वे असल में अपने-अपने घरों में चैन की नींद सो रहे थे। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि जो इंसान अपने ही घर के भीतर सो रहा हो, वह बाहर जाकर धारा 144 या धारा 163 का उल्लंघन कैसे कर सकता है? पीके के अनुसार, पुलिस के ये तमाम दावे पूरी तरह से मनगढ़ंत और जमीनी सच्चाई से कोसों दूर हैं।
आधी रात को घरों में घुसने का सनसनीखेज आरोप
पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने पुलिस के आधिकारिक बयानों की पोल खोली। उन्होंने कहा, “इस मामले में पटना एसएसपी कार्यालय से एक पत्र जारी किया गया जिसमें लिखा है कि चुनाव के दौरान बाहर से आए लोगों ने धारा 144 का उल्लंघन किया, इसलिए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें डिटेन किया गया। इस दावे से उलट सच्चाई यह है कि कुल 50 से ज्यादा लोगों को अरेस्ट किया गया, जिनमें से ज्यादातर पटना के ही स्थानीय लोग थे जिनके घरों में पुलिस ने रात के वक्त दबिश दी।” उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस टीमों ने देर रात 2 से 3 बजे के बीच लोगों के घरों में घुसकर उन्हें पकड़ा और वार्ड नंबर 22 में सरेआम पुलिस घूमकर नागरिकों को धमका रही है तथा उन्हें वोट डालने से रोक रही है।
पटना के एसएसपी पर सीधा हमला
प्रशांत किशोर ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें ‘अनप्रोफेशनल’ करार दिया और उन पर गंभीर आरोप मढ़े। प्रशांत किशोर ने याद दिलाया कि यह वही एसएसपी हैं जिन्होंने पूर्व में एक नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले को भी आत्महत्या करार दिया था। पीके ने आरोप लगाया कि इस उपचुनाव में प्रशासन का ‘नंगा नाच’ शुरू हो चुका है और एसएसपी अपनी खाकी वर्दी की आड़ में छुपकर पूरी चुनावी प्रक्रिया को अनुचित तरीके से प्रभावित करने का काम कर रहे हैं।
चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी
अपने आक्रामक तेवर दिखाते हुए जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने ऐलान किया कि वह इस पूरी घटना के खिलाफ दो दिन बाद सीधे चुनाव आयोग में जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे। उन्होंने दो टूक शब्दों में यह भी कहा कि यदि इस मामले में उन्हें न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट तक भी जाना पड़ा, तो वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रशांत किशोर ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पटना के एसएसपी को खुलकर राजनीति ही करनी है, तो उन्हें पुलिस की नौकरी छोड़कर मैदान में उतर जाना चाहिए।










