
Banke Bihari Temple: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित प्रसिद्ध श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए आने वाले दिनों में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मंदिर में लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रबंधन अब दर्शन व्यवस्था को ज्यादा आसान और सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मंदिर की हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी एक नया ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है।
इस योजना का मकसद साफ है कि मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते में परेशानी न हो और उन्हें बिना किसी अव्यवस्था के भगवान बांकेबिहारी के दर्शन मिल सकें। नई व्यवस्था में मंदिर के रास्तों से अतिक्रमण हटाने से लेकर VIP दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन तक कई अहम बदलाव शामिल किए गए हैं।
कार्तिक मास में बढ़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
दरअसल, दिवाली के बाद कार्तिक मास में वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। 10 नवंबर से बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन पहले से ही तैयारियों में जुट गया है। इसी को लेकर शनिवार शाम लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन स्थित कार्यालय में हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की बैठक बुलाई गई।

बैठक की अध्यक्षता कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने की। इसमें मंदिर के अंदर और बाहर की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कमेटी के सदस्यों के साथ सेवायत गोस्वामियों से भी सुझाव लिए गए। खासतौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि ज्यादा भीड़ होने के बावजूद आम श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बांकेबिहारी मंदिर के 14 रास्तों से हटेगा अतिक्रमण
नई योजना के तहत मंदिर तक पहुंचने वाले सभी 14 रास्तों से अतिक्रमण हटाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि रास्तों पर अतिक्रमण होने की वजह से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होती है और भीड़ बढ़ने पर हालात संभालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कमेटी इन सभी रास्तों को व्यवस्थित कराने पर काम कर रही है, ताकि मंदिर आने और जाने वाले श्रद्धालुओं को पर्याप्त जगह मिल सके। बैठक के बाद कमेटी के सदस्यों ने खुद मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। इस दौरान शनिवार को उमड़ी भीड़ और मौजूदा दर्शन व्यवस्था को देखा गया।

खासतौर पर शनिवार और रविवार को मंदिर में भक्तों की संख्या ज्यादा रहती है। इसलिए इन दिनों भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नए इंतजामों पर विचार किया जा रहा है।
VIP दर्शन के लिए एक दिन पहले कराना होगा रजिस्ट्रेशन
मंदिर की नई व्यवस्था में VIP दर्शन को लेकर भी बदलाव प्रस्तावित हैं। इसके तहत सेवायत गोस्वामियों के शिष्यों और VIP श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए एक दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इससे मंदिर प्रबंधन को पहले से पता रहेगा कि कितने विशिष्ट श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने वाले हैं और उनके लिए किस तरह की व्यवस्था करनी है।

प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक, VIP प्रोटोकॉल के तहत आने वाले लोगों के प्रवेश के लिए निकास द्वार संख्या चार पर बनी रेलिंग निर्धारित की गई है। वहीं, दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं को निकास द्वार संख्या एक से बाहर निकाला जा रहा है। इसका मकसद VIP और सामान्य श्रद्धालुओं की आवाजाही को अलग-अलग व्यवस्थित करना है, ताकि मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम किया जा सके।
VIP श्रद्धालुओं को मिलेगी तत्काल रजिस्ट्रेशन की सुविधा
इस पूरी योजना में एक और खास बात सामने आई है। अगर VIP प्रोटोकॉल के तहत आने वाले किसी विशिष्ट व्यक्ति का एक दिन पहले रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाता है, तो उसके लिए तत्काल रजिस्ट्रेशन की सुविधा देने पर भी विचार किया जा रहा है। कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था बनाई जा सकती है। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। हालांकि, तत्काल रजिस्ट्रेशन की सुविधा अभी प्रस्तावित है और इसे लागू करने पर अंतिम फैसला होना बाकी है।
इसके अलावा मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर होने वाली अवैध वसूली जैसी गतिविधियों पर भी लगाम लगाने की तैयारी है। कुल मिलाकर मंदिर प्रबंधन का प्रयास है कि कार्तिक मास में बढ़ने वाली भीड़ के बीच आम श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन मिलें और VIP व्यवस्था के नाम पर किसी तरह की मनमानी न हो।











