Bangladesh: पूर्बाचल प्लॉट घोटाला मामले में शेख हसीना को 10 साल की जेल, ट्यूलिप सिद्दीक भी दोषी

ढाका की विशेष अदालत ने आज एक ऐतिहासिक फैसले में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 10 साल और उनकी भतीजी ट्यूलिप सिद्दीक को 4 साल की जेल सुनाई है। पूर्बाचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में अवैध प्लॉट आवंटन के इन मामलों ने बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। क्या यह फैसला अवामी लीग के लिए आखिरी कील साबित होगा?

Bangladesh

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 2, 2026

Bangladesh : बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। ढाका की एक विशेष अदालत ने बहुचर्चित ‘पूर्बाचल प्लॉट घोटाले’ से संबंधित दो अलग-अलग मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दोषी करार देते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। ढाका के विशेष न्यायाधीश (अदालत-4) मोहम्मद रबीउल आलम ने यह फैसला सुनाया। इस फैसले ने न केवल हसीना, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। अदालत ने इस मामले में न्याय की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है।

शेख हसीना के परिजनों को भी मिली जेल की सजा

अदालत का फैसला केवल पूर्व प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं रहा। उनकी भतीजी और ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीक को भी इस घोटाले में संलिप्तता के लिए चार साल कैद की सजा सुनाई गई है। इसके अतिरिक्त, हसीना की दूसरी भतीजी अजमीना सिद्दीक और भतीजे राडवान मुजीब सिद्दीक ‘बॉबी’ को भी अदालत ने दोषी पाया और उन्हें सात साल जेल की सजा सुनाई गई। भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ACC) के लोक अभियोजक मीर अहमद अली सलाम ने पुष्टि की कि यह फैसला दोपहर करीब 12:20 बजे सुनाया गया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया।

अन्य आरोपियों पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान

इस मामले में केवल राजनीतिक परिवार ही नहीं, बल्कि कई अन्य पूर्व अधिकारी भी शामिल थे। हसीना और उनके परिजनों के अलावा, अदालत ने 11 अन्य आरोपियों को 10 साल की कैद और एक आरोपी को दो साल की सजा सुनाई। दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा न करने की स्थिति में, दोषियों को अतिरिक्त समय जेल में बिताना होगा। यह फैसला दर्शाता है कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

शेख हसीना के खिलाफ बढ़ता कानूनी शिकंजा

यह पहली बार नहीं है जब 78 वर्षीय शेख हसीना को अदालत से सजा मिली हो। पिछले वर्ष भी उन्हें चार विभिन्न भ्रष्टाचार के मामलों में कुल 26 साल की सजा सुनाई गई थी। उस समय उनकी बेटी साइमा वाजेद पुतुल, बेटे सजीब वाजेद जॉय और बहन शेख रेहाना को भी विभिन्न मामलों में दोषी ठहराया गया था। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, एसीसी द्वारा दर्ज किए गए इन मामलों की सुनवाई बहुत तेजी से हुई और मात्र 15 सुनवाइयों के भीतर फैसले तक पहुँचा गया, जो न्यायिक तत्परता का उदाहरण है।

गवाहों के बयान और मुकदमे की गहन प्रक्रिया

ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। कुल 39 लोगों ने इन मामलों में अपनी गवाही दर्ज कराई। गवाहों की सूची में एसीसी के उच्च अधिकारी, राजधानी विकास प्राधिकरण (राजुक) के सहायक निदेशक, आवास एवं सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय के संयुक्त सचिव और ढाका उत्तर सिटी कॉर्पोरेशन के कर्मचारी शामिल थे। इन गवाहों के बयानों ने यह स्पष्ट किया कि किस तरह सरकारी नियमों को ताक पर रखकर भूखंडों का आवंटन किया गया था।

पूर्बाचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट घोटाला: मुख्य आरोप

यह पूरा मामला पूर्बाचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट के तहत भूखंडों के अवैध आवंटन से जुड़ा है। आरोप है कि शेख हसीना ने राजुक (RAJUK) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सेक्टर 27 के डिप्लोमैटिक जोन में अपने और अपने परिवार के सदस्यों के लिए 10-10 कट्ठा के छह प्लॉट अवैध रूप से हासिल किए। नियमों के अनुसार वे इन भूखंडों के पात्र नहीं थे। पिछले साल जनवरी में दर्ज हुई छह चार्जशीट के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें हसीना को मुख्य आरोपी बनाया गया था।

Read More: Tata Sierra या Hyundai Creta, कौन सी SUV है आपके लिए बेहतर विकल्प?