Bangladesh Election: बांग्लादेश में आम चुनाव की सरगर्मी अपने चरम पर है। मतदान में अब चंद दिन ही शेष हैं, ऐसे में मुख्य विपक्षी दल ‘बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी’ (BNP) ने अपना बहुप्रतीक्षित चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। शुक्रवार, 6 फरवरी को पार्टी के शीर्ष नेता तारिक रहमान ने वर्चुअली इस घोषणापत्र को सार्वजनिक किया। इस दस्तावेज में बीएनपी ने एक आधुनिक और समृद्ध बांग्लादेश का सपना दिखाया है, जिसमें अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को केंद्र में रखा गया है। पार्टी का मुख्य फोकस देश के मध्यम वर्ग को फिर से खड़ा करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बांग्लादेश की स्थिति मजबूत करने पर है।
आर्थिक महाशक्ति का लक्ष्य: 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था
घोषणापत्र की सबसे बड़ी विशेषता बीएनपी का महत्वाकांक्षी आर्थिक विजन है। तारिक रहमान ने वादा किया है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो बांग्लादेश को साल 2034 तक ‘1 ट्रिलियन डॉलर’ की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा जाएगा। पार्टी का इरादा बांग्लादेश को ‘अपर मिडिल-इनकम’ देशों की श्रेणी में खड़ा करना है। इसके लिए उन्होंने मौजूदा ऋण-आधारित आर्थिक मॉडल को बदलकर ‘निवेश-आधारित’ अर्थव्यवस्था बनाने की बात कही है। रहमान ने स्पष्ट किया कि आर्थिक विकास का लाभ केवल कुछ विशेष कुलीन वर्गों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे समावेशी बनाया जाएगा।
मध्यम वर्ग का पुनरुद्धार: रोजगार सृजन और कुलीनतंत्र का अंत
बीएनपी प्रमुख ने देश के मध्यम वर्ग की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में मध्यवर्ग लगभग हाशिए पर चला गया है। सत्ता में आने पर बीएनपी का पहला बड़ा कदम मध्यम वर्ग के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना होगा। तारिक रहमान के अनुसार, पार्टी का उद्देश्य ‘क्रोनी कैपिटलिज्म’ या कुलीनतंत्र को तोड़ना है ताकि हर नागरिक की उत्पादक क्षमता का सही मूल्यांकन हो सके। उन्होंने एक ऐसी पारदर्शी व्यवस्था का वादा किया है जहाँ अधिकार और अवसर सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध हों।
विदेश नीति में ‘बांग्लादेश फर्स्ट’: संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि
बीएनपी ने अपनी विदेश नीति को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। घोषणापत्र में ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ (Bangladesh First) की रणनीति अपनाने का संकल्प लिया गया है। यह नीति काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति से प्रेरित नजर आती है। इसके तहत बांग्लादेश की क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को सबसे ऊपर रखा जाएगा। पार्टी का मानना है कि इस नीति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश को एक जिम्मेदार और सम्मानित राष्ट्र के रूप में पहचान मिलेगी, जो अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।
भारत के साथ संबंध: तीस्ता और अन्य नदियों के पानी का ‘उचित हिस्सा’
भारत के साथ संबंधों पर बीएनपी ने एक संतुलित लेकिन दृढ़ रुख अपनाया है। तारिक रहमान ने कहा कि उनकी सरकार भारत के साथ लंबित मुद्दों, विशेष रूप से साझा नदियों के जल बंटवारे को प्राथमिकता के आधार पर हल करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवाद के माध्यम से एक ऐसा समाधान निकाला जाएगा जिससे बांग्लादेश के नागरिकों को उनका ‘उचित हिस्सा’ मिल सके। खालिदा जिया के बाद पार्टी का नेतृत्व कर रहे तारिक रहमान ने संकेत दिया है कि वे भारत के साथ सहयोग तो चाहते हैं, लेकिन राष्ट्रीय हितों की रक्षा की शर्त पर।
सैनिकों और कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान
अर्थव्यवस्था और विदेश नीति के अलावा, घोषणापत्र में रक्षा नीति को आधुनिक बनाने और देश के भीतर कानून का शासन स्थापित करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई है। बीएनपी ने एक ऐसी भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था का वादा किया है जहाँ न्यायपालिका और प्रशासन बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम कर सकें। तारिक रहमान का यह घोषणापत्र बांग्लादेश के मतदाताओं के बीच एक नई बहस छेड़ने में सफल रहा है, विशेषकर उन युवाओं के बीच जो आर्थिक स्थिरता और बेहतर भविष्य की तलाश में हैं।
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