Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले राजनीति के मैदान में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। निर्वासित नेता तारिक रहमान की पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), ने अपना बहुप्रतीक्षित चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस घोषणापत्र का मुख्य विजन साल 2034 तक एक ‘नया बांग्लादेश’ तैयार करना है। 12 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले जारी किए गए इस मेनिफेस्टो को जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। 15 फरवरी को वोटों की गिनती के साथ ही यह तय होगा कि बीएनपी के ये वादे मतदाताओं के दिलों को छू पाए या नहीं।
51 सूत्रीय एजेंडा: प्रधानमंत्री कार्यकाल की सीमा और संवैधानिक सुधार
‘प्रथम आलो’ की रिपोर्ट के अनुसार, तारिक रहमान ने 51 बिंदुओं वाला विस्तृत मेनिफेस्टो पेश किया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण घोषणा सत्ता के केंद्रीकरण को रोकने के लिए की गई है। बीएनपी ने वादा किया है कि यदि वे सत्ता में आते हैं, तो कोई भी व्यक्ति 10 साल से अधिक समय तक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर नहीं रह सकेगा। राष्ट्रपति पद के लिए भी इसी तरह का संवैधानिक प्रावधान लागू किया जाएगा। इसके अलावा, वर्तमान एक-सदनीय व्यवस्था को बदलकर एक उच्च सदन (राज्यसभा) के गठन का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें विशेषज्ञों और वरिष्ठ राजनीतिज्ञों को जगह दी जाएगी।
महिलाओं को आरक्षण और दलबदल कानून पर कड़ा प्रहार
संवैधानिक सुधारों की कड़ी में बीएनपी ने प्रस्तावित उच्च सदन में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का ऐतिहासिक वादा किया है। इसके साथ ही, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संविधान के अनुच्छेद-70 में संशोधन की बात कही गई है। इसका मुख्य उद्देश्य दलबदल की राजनीति को समाप्त करना है, ताकि निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी पार्टी के प्रति वफादार रहें और लोगों के एक-एक वोट की गरिमा की रक्षा की जा सके। यह कदम बांग्लादेश की राजनीति में स्थिरता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आर्थिक मास्टरस्ट्रोक: हर गरीब परिवार को 2500 टका और रोजगार की सौगात
गरीबी उन्मूलन की दिशा में बीएनपी ने अब तक की सबसे बड़ी घोषणा की है। पार्टी ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर हर गरीब परिवार को प्रतिमाह 2500 टका की नकद सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, ‘मेड इन बांग्लादेश’ अभियान के जरिए स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया है। रोजगार के मोर्चे पर बीएनपी ने 1 लाख स्वास्थ्यकर्मियों और 50 हजार शिक्षा विभाग के पदों पर बहाली का खाका पेश किया है, जो युवाओं के लिए एक बड़ा आकर्षण साबित हो सकता है।
स्वतंत्र विदेश नीति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
विदेश नीति के मोर्चे पर बीएनपी ने ‘सबसे दोस्ती, किसी का हस्तक्षेप नहीं’ का मंत्र अपनाया है। घोषणापत्र में स्पष्ट किया गया है कि बांग्लादेश अपनी स्वतंत्र विदेश नीति विकसित करेगा और किसी भी बाहरी देश का आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पर्यावरण की रक्षा के लिए देश भर में 1.5 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है। दिलचस्प बात यह है कि पूरे घोषणापत्र में शेख हसीना या आवामी लीग पर कोई सीधा प्रहार नहीं किया गया है, जिसे रणनीतिकार आवामी लीग के असंतुष्ट वोट बैंक को साधने की एक सोची-समझी कोशिश मान रहे हैं।










