Bangladesh Unrest: बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले राजधानी ढाका गोलियों की गूंज से दहल उठी है। ढाका के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्रों में से एक, कारवान बाजार में अज्ञात हमलावरों ने पूर्व बीएनपी (BNP) नेता अजीजुर रहमान मुसाब्विर की नृशंस हत्या कर दी है। इस घटना ने आगामी चुनावों की सुरक्षा व्यवस्था और देश में गहराते राजनीतिक संकट पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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भीड़भाड़ वाले कारवान बाजार में अंधाधुंध फायरिंग
बताते चले कि, राजधानी के प्रमुख कमर्शियल हब ‘कारवान बाजार’ में मंगलवार की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ‘सुपर स्टार होटल’ के पास एक संकरी गली में ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। हमलावरों ने पूर्व नेता मुसाब्विर को निशाना बनाते हुए बेहद करीब से उनके पेट में गोलियां दाग दी। बीआरबी अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस जानलेवा हमले में वैन वर्कर्स यूनियन के महासचिव सूफियान ब्यापारी मसूद भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे।
BNP नेता की हत्या से विपक्षी खेमे में आक्रोश
आपको बता दे कि, अजीजुर रहमान मुसाब्विर विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के स्वयंसेवक विंग ‘स्वैच्छासेवक दल’ में ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ के पूर्व महासचिव के रूप में एक प्रभावी चेहरा थे। उनकी मौत की खबर फैलते ही विपक्षी कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने ‘सार्क फाउंटेन’ चौराहे को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, जिससे ढाका की रफ्तार थम गई। शहर में बढ़ती सांप्रदायिक और राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए सेना की टुकड़ियों को मोर्चा संभालना पड़ा, जिन्होंने देर रात प्रदर्शनकारियों को हटाकर यातायात बहाल कराया।
आम चुनाव 2026 से पहले बढ़ती हिंसा
बांग्लादेश में वर्तमान में चुनावी ‘आचार संहिता’ लागू है, इसके बावजूद हिंसक झड़पें और टारगेट किलिंग की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में इंकलाब मंच के उस्मान हादी और जुबो दल के एक नेता की हत्या ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शेख हसीना के इस्तीफे के बाद बना संक्रमणकालीन ढांचा पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि 12 फरवरी के मतदान से पहले इस तरह की चुनावी हिंसा मतदाताओं के मनोबल को प्रभावित कर सकती है और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया में बाधा डाल सकती है।
सैन्य हस्तक्षेप और ढाका में हाई अलर्ट की स्थिति
ताजा हत्या के बाद ढाका के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और सेना के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए हत्यारों की पहचान करने में जुटा है, लेकिन अब तक कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हुई है। चुनाव पूर्व अस्थिरता ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। फिलहाल पूरा कारवान बाजार और आसपास के इलाके छावनी में तब्दील हो गए हैं। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब अगले महीने होने वाले मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना और चुनावी उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करना है।










