Karnataka: कर्नाटक का बल्लारी जिला इस समय भीषण सांप्रदायिक और राजनीतिक तनाव की चपेट में है। गुरुवार को कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी और पूर्व मंत्री श्रीरामुलु समेत 11 प्रमुख लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। इस खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की जान चली गई है, जिसके बाद पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है।
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राजनीतिक बैनर पर विवाद
आपको बता दे कि, बल्लारी में हिंसा की शुरुआत उस समय हुई जब कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी और भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी के गुट एक बैनर लगाने को लेकर आमने-सामने आ गए। दरअसल, शहर में 3 जनवरी को होने वाले वाल्मिकी जी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के लिए पोस्टर लगाए जा रहे थे। कथित तौर पर जब कांग्रेस समर्थक भाजपा विधायक के आवास के पास बैनर लगा रहे थे, तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका कड़ा विरोध किया। यह मामूली बहस देखते ही देखते जानलेवा हमले और पत्थरबाजी में बदल गई।
कानून व्यवस्था की स्थिति
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे विजुअल्स में हवाई फायरिंग और हथियारों के प्रदर्शन के भयावह दृश्य सामने आए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब स्थिति हाथ से निकलने लगी और भीड़ ने पुलिस बल पर भी पथराव शुरू कर दिया, तब पुलिस को लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल (KSrp) तैनात किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन शहर के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।
जनार्दन रेड्डी और श्रीरामुलु समेत कई नेताओं पर शिकंजा
पुलिस ने इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए 11 नामजद आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। एफआईआर में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी के अलावा कद्दावर नेता श्रीरामुलु, शेखर, अलिखन और सोमशेखर रेड्डी के नाम शामिल हैं। इन पर दंगा भड़काने, हिंसा फैलाने और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी।
शांति बहाली की कोशिशें तेज
वाल्मिकी जी की मूर्ति के अनावरण समारोह से ठीक पहले हुई इस हिंसा और जनहानि ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक (SP) और वरिष्ठ अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि आगामी कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके और शहर में दोबारा ऐसी अप्रिय घटना न घटे।










