Baisakhi 2026: नंगल में उमड़ी भारी भीड़, सतलुज झील में श्रद्धालुओं का स्नान

नंगल/रूप नगर. पंजाब के नंगल में बैसाखी पर्व के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। बैसाखी के इस पावन दिन पर सतलुज झील में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। झील के किनारे स्थित विभोर साहिब घाट पर सुबह से ही धार्मिक माहौल बना हुआ है, जहां श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पंजाब के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। तीन दिन तक चलने वाला पारंपरिक पंचगाठड़ा मेला इस अवसर का

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Published On :

अप्रैल 13, 2026

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नंगल/रूप नगर.

पंजाब के नंगल में बैसाखी पर्व के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। बैसाखी के इस पावन दिन पर सतलुज झील में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। झील के किनारे स्थित विभोर साहिब घाट पर सुबह से ही धार्मिक माहौल बना हुआ है, जहां श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के साथ-साथ पंजाब के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। तीन दिन तक चलने वाला पारंपरिक पंचगाठड़ा मेला इस अवसर का मुख्य आकर्षण बना हुआ है। मेले में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। मान्यता के अनुसार बैसाखी के दिन सतलुज झील में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते श्रद्धालु झील में डुबकी लगाने के बाद नाव में बैठे मलाहों को दान सामग्री अर्पित कर रहे हैं। घाट पर लगातार बढ़ती भीड़ के कारण पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बना हुआ है।

सुरक्षा के कड़े प्रबंध
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष प्रबंध किए हैं। इस बार झील में बोटिंग करने वालों की संख्या सीमित कर दी गई है। पहले जहां एक नाव में 50 से अधिक लोग सवार हो जाते थे, वहीं अब सुरक्षा के मद्देनजर केवल 15 लोगों को ही अनुमति दी जा रही है। घाट पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

वृंदावन नांव घटना के बाद निगरानी तेज
इस संबंध में एएसआई रामकुमार ने बताया कि सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। झील में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इसके अलावा सिविल डिफेंस विभाग के कर्मचारी भी मौके पर मौजूद हैं। दो गोताखोरों की तैनाती की गई है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

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