Anant Singh Released: बिहार की राजनीति के कद्दावर और बाहुबली नेता, मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह सोमवार को पटना की बेऊर जेल से बाहर आ गए हैं। जैसे ही वे जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकले, वहां पहले से मौजूद हजारों समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। अनंत सिंह की रिहाई को लेकर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बाहुबली नेता ने हाथ हिलाकर अपने चाहने वालों का अभिवादन स्वीकार किया। जेल के बाहर का नजारा किसी विजय जुलूस जैसा नजर आ रहा था, जहाँ समर्थकों की भारी भीड़ अपने नेता की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखी।
शेर आया के नारों से गूंजा परिसर, फेवरेट लैंड क्रूजर से रवानगी
जेल के बाहर जुटे समर्थकों ने अपने नेता के स्वागत में आकाश-पाताल एक कर दिया। पूरे परिसर में ‘देखो-देखो कौन आया, शेर आया, शेर आया’ और ‘जेल के ताले टूट गए, छोटे सरकार छूट गए’ जैसे नारों की गूंज सुनाई दे रही थी। अनंत सिंह को लेने के लिए उनके समर्थकों का काफिला उनकी पसंदीदा लग्जरी गाड़ी ‘लैंड क्रूजर’ के साथ पहुंचा था। समर्थकों ने गाड़ी को फूलों से लाद दिया था। जैसे ही अनंत सिंह अपनी पसंदीदा सवारी पर सवार हुए, गाड़ियों का लंबा काफिला पटना की सड़कों पर निकल पड़ा, जिससे यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।
दुलारचंद हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
अनंत सिंह की इस रिहाई का रास्ता 20 मार्च को साफ हुआ था, जब पटना हाईकोर्ट ने उन्हें चर्चित दुलारचंद हत्याकांड में जमानत दे दी थी। लंबे समय से सलाखों के पीछे रहने के बाद मिली इस कानूनी राहत ने उनके राजनीतिक खेमे और समर्थकों में नई जान फूंक दी है। राजद और जदयू के समीकरणों के बीच अनंत सिंह की रिहाई को बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि ‘छोटे सरकार’ के बाहर आने से मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में उनकी पकड़ और मजबूत होगी।
विधायक आवास पर शाही स्वागत: फूल-मालाओं से सजा घर
जेल से रिहा होने के बाद अनंत सिंह सीधे अपने सरकारी विधायक आवास के लिए रवाना हुए। उनके स्वागत के लिए आवास पर अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। पूरे बंगले को रंग-बिरंगी लाइटों और ताजे फूलों की मालाओं से दुल्हन की तरह सजाया गया है। आवास के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है और ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोग थिरक रहे हैं। अनंत सिंह के करीबी सहयोगियों का कहना है कि यह केवल एक रिहाई नहीं बल्कि उनके समर्थकों के लिए एक बड़ा उत्सव है, जिसकी तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी।
रिहाई की खुशी में महाभोज: 3 लाख रसगुल्लों का रिकॉर्ड इंतजाम
अनंत सिंह की रिहाई का जश्न केवल नारेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि समर्थकों के लिए एक विशाल दावत (महाभोज) का आयोजन किया गया है। इस जश्न की सबसे बड़ी चर्चा ‘3 लाख रसगुल्लों’ को लेकर हो रही है, जो विशेष रूप से कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हैं। इसके अलावा मेन्यू में समोसा, पूड़ी, सब्जी, पुलाव और कई अन्य लजीज व्यंजन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पटना और मोकामा से आने वाले हजारों कार्यकर्ताओं के लिए खाने-पीने का खुला इंतजाम किया गया है। हलवाइयों की एक बड़ी फौज पिछले 24 घंटों से इन पकवानों को बनाने में जुटी हुई है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल और भविष्य की रणनीति
बाहुबली विधायक की रिहाई ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। जेल से बाहर आने के बाद अब सबकी नजरें अनंत सिंह के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं। क्या वे अपनी पुरानी शैली में फिर से सक्रिय होंगे या किसी नए गठबंधन की ओर रुख करेंगे, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल, उनके आवास पर जश्न का माहौल है और समर्थकों का मानना है कि उनके नेता के आने से क्षेत्र में न्याय की जीत हुई है। मोकामा की राजनीति में अनंत सिंह का रसूख हमेशा से चर्चा का विषय रहा है और इस भव्य स्वागत ने उनकी लोकप्रियता को एक बार फिर साबित कर दिया है।
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