Bageshwar Baba Controversy: बागेश्वर बाबा की टिप्पणी पर कानूनी शिकंजा? दर्ज हुई मानहानि की शिकायत

बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दी गई अपनी विवादित टिप्पणी के बाद कानूनी पचड़े में फंस गए हैं।

Bageshwar Baba Controversy

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

नवम्बर 6, 2026

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Bageshwar Baba Controversy: बागेश्वर धाम के पीठाधीश और चर्चित कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने एक विवादित बयान को लेकर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप और उनकी शारीरिक मुद्राओं को लेकर की गई एक टिप्पणी के बाद देश भर में उनके खिलाफ रोष देखने को मिल रहा है। इस मामले में धार्मिक भावनाओं को आहत करने और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश के आगरा की सिविल कोर्ट में बाबा धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई है। अदालत ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया है और अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर 2026 को होगी।

Dhirendra Shastri Controversy: धीरेंद्र शास्त्री की बढ़ीं मुश्किलें! भगवान

क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ा विवाद?

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बागेश्वर बाबा की टिप्पणी पर कानूनी शिकंजा?

यह पूरा विवाद मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में आयोजित धीरेंद्र शास्त्री के एक राम कथा कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कथा वाचन के दौरान शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की शारीरिक मुद्राओं (खड़े होने के तरीकों) के बीच तुलना की थी।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा था कि जो लोग भगवान श्रीकृष्ण को मानते हैं, उन्हें शायद यह बात बुरी लगे, लेकिन “कृष्ण बहुत टेढ़े हैं और जब वे खड़े होते हैं, तो तीन जगहों से मुड़े हुए होते हैं।” उनके इस बयान के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सनातन प्रेमियों और विशेषकर यादव समाज में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।

आगरा कोर्ट में याचिका और 14 दिसंबर को अगली सुनवाई

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बागेश्वर बाबा की टिप्पणी पर कानूनी शिकंजा?

आगरा की सिविल कोर्ट में यह आपराधिक मानहानि की शिकायत अजय प्रताप सिंह नामक एक वकील द्वारा दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि वे ननिहाल पक्ष से भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हैं और बाबा धीरेंद्र शास्त्री के इस प्रकार के बयानों से उनके पूरे परिवार तथा करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि ऐसी टिप्पणियों से आराध्य भगवान श्रीकृष्ण की सामाजिक और धार्मिक प्रतिष्ठा पर असर पड़ा है, इसलिए धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कानून के तहत एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल जज कंचन कुमार ने इस शिकायत को स्वीकार कर लिया है। इस प्रकरण पर अब आगामी 14 दिसंबर 2026 को सुनवाई होगी।

राजनीतिक गलियारों में भी गरमाया मामला

इस विवादित टिप्पणी के बाद से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। यादव समुदाय के बड़े राजनीतिक चेहरे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए लोगों से अपील की है कि वे ऐसे विवादित बयानों और कार्यक्रमों से दूरी बनाकर रखें।

वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जिन लोगों का अपना व्यक्तिगत आचरण और कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रहती है, उन्हें दूसरों को उपदेश देने या धर्म पर ऐसी टिप्पणियां करने का कोई अधिकार नहीं है।

तर्कों के साथ वंशजों का विरोध

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बागेश्वर बाबा की टिप्पणी पर कानूनी शिकंजा?

शिकायतकर्ता अजय प्रताप सिंह का तर्क है कि भगवान श्रीकृष्ण द्वापर युग में मानव अवतार में अवतरित हुए थे और आज भी भारत के कई समुदायों जैसे जादून, जडेजा और भाटी को उन्हीं के वंश परंपरा से जोड़ा जाता है। ऐसे में आराध्य के स्वरूप पर इस तरह की अमर्यादित और हास्यास्पद टिप्पणियां करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। देखना यह होगा कि 14 दिसंबर को होने वाली सुनवाई में अदालत का रुख क्या रहता है।

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