UP News: उत्तर प्रदेश के बदायूं में सरकारी डॉक्टर के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। अलापुर थाना क्षेत्र में गाय की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टर राहुल सिद्धार्थ के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बदायूं में डॉक्टर से मारपीट पर अखिलेश यादव ने जताई नाराजगी
बताते चले कि, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बदायूं डॉक्टर मारपीट मामले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के साथ हुआ दुर्व्यवहार और कथित अमानवीय मारपीट बेहद गंभीर है। अखिलेश यादव के मुताबिक, इस घटना से केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के डॉक्टरों में भी आक्रोश पैदा हो सकता है।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने विशेष रूप से आरोपियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक के इस्तेमाल की बात कही।
AI से आरोपियों की पहचान की मांग, सख्त कार्रवाई पर जोर
अखिलेश यादव ने मांग की कि घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने इसे डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
सपा प्रमुख ने यह भी चेतावनी दी कि अगर मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और डॉक्टर समुदाय आंदोलन की राह पर चला गया, तो इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। उनके अनुसार, बीमारियों के मौसम में स्वास्थ्य व्यवस्था पर पहले से दबाव रहता है और ऐसी परिस्थितियों में डॉक्टरों का आंदोलन आम मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
क्या है बदायूं डॉक्टर पिटाई का पूरा मामला?
मामला 11 अगस्त का बताया जा रहा है। बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र में सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर राहुल सिद्धार्थ की कार की एक गाय से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद गाय की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद कुछ स्थानीय लोग नाराज हो गए और उन्होंने डॉक्टर को घेर लिया।
इसके बाद डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद बदायूं में डॉक्टर से मारपीट की घटना को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा भी चर्चा में आ गया।
पुलिस ने डॉक्टर को भीड़ से छुड़ाया, चार आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और डॉक्टर को भीड़ से बाहर निकाला। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पुलिस की कार्रवाई के बावजूद घटना को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, यह मामला एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य कर्मचारियों और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
डॉक्टरों की सुरक्षा पर उठे सवाल, राजनीतिक बयानबाजी तेज
बदायूं डॉक्टर मारपीट मामला अब केवल स्थानीय घटना तक सीमित नहीं रह गया है। अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। डॉक्टरों के साथ हिंसा की घटनाओं को लेकर लंबे समय से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल उठते रहे हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत क्या कार्रवाई होती है और सरकार डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।










