Baba Bageshwar Statement: बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान, राम मंदिर चोरी मामले में ‘बड़े मगरमच्छ’ का जिक्र

अयोध्या राम मंदिर दान हेराफेरी मामले में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक सनसनीखेज दावा किया है।

Baba Bageshwar statement

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 1, 2026

Baba Bageshwar Statement: अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर के दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला अब एक नया और विवादास्पद मोड़ ले चुका है। इस प्रकरण में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बेहद चौंकाने वाला बयान देकर देशभर में हलचल मचा दी है। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित एक कथा के दौरान अपने भक्तों को संबोधित करते हुए बाबा बागेश्वर ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी और प्रशासन के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।

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‘मैं नाम जानता हूं, पर जान का खतरा है’

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि वे राम मंदिर चढ़ावा घोटाले के असली ‘मास्टरमाइंड’ को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने अपनी दिव्य शक्तियों और ‘पर्ची’ का हवाला देते हुए कहा कि उनके पास सच्चाई का पूरा विवरण मौजूद है। हालांकि, उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ा कि यदि उन्होंने अपनी पर्ची खोलकर उन बड़े और प्रभावशाली नामों का खुलासा कर दिया, तो वे लोग उन्हें ‘निपटा’ देंगे। यह बयान उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करता है और यह दर्शाता है कि घोटाले के पीछे के चेहरे बेहद शक्तिशाली हैं।

‘कानून मकड़ी का जाला: छोटी मछलियां फंसीं, मगरमच्छ आजाद’

धीरेंद्र शास्त्री ने देश की कानून व्यवस्था पर अत्यंत तीखा तंज कसा। उन्होंने तुलना करते हुए कहा, “दुनिया के कुछ देशों को छोड़कर बाकी जगहों पर कानून मकड़ी के जाले जैसा है। भारत का कानून भी कुछ ऐसा ही है, जहां भारी चीज यानी ‘बड़े मगरमच्छ’ तो जाला तोड़कर निकल जाते हैं और छोटी मछलियां उसमें फंस जाती हैं।”

राम मंदिर मामले में अब तक हुई पुलिसिया कार्रवाई पर असंतोष जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि एफआईआर जरूर दर्ज हुई है, लेकिन फिलहाल सिर्फ छोटी मछलियां ही पुलिस की गिरफ्त में आई हैं। असली ‘बड़े मगरमच्छ’ अभी भी कानून की पहुंच से बाहर हैं और खुलेआम घूम रहे हैं। उनका यह बयान सीधे तौर पर जांच की निष्पक्षता और इसकी गहराई पर सवालिया निशान लगाता है।

धर्मसंकट और सच्चाई के बीच की लाचारी

अपने इस सनसनीखेज दावे के बाद पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने खुद के सामने मौजूद ‘धर्मसंकट’ को भी साझा किया। उन्होंने माना कि वे इस समय दोतरफा स्थिति में हैं। एक तरफ यदि वे सच का खुलासा करते हैं, तो उनकी जान पर बन आती है, और दूसरी तरफ यदि वे चुप रहते हैं, तो भक्त उनकी ‘दिव्य शक्तियों’ और ‘पर्ची’ की प्रमाणिकता पर प्रश्न उठाने लगते हैं। उन्होंने अपनी विवशता व्यक्त करते हुए जनता को यह समझाने की कोशिश की कि वे इस मामले में कितना दबाव महसूस कर रहे हैं।

जांच का दायरा और पुलिस की कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि अयोध्या राम मंदिर के इस कथित चढ़ावा चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में एसआईटी (SIT) की सिफारिश के बाद रामजन्मभूमि कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। हालांकि, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इस बयान के बाद जांच एजेंसियों पर दबाव और बढ़ गया है। पुलिस और जांच अधिकारी यह मान रहे हैं कि इस पूरे खेल में कुछ और प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश अभी जारी है। अब देखना यह होगा कि बाबा बागेश्वर के इन दावों के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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