Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने आजम खान और उनके सह-आरोपी वीरेंद्र गोयल सहित सभी याचिकाकर्ताओं को दी गई अंतरिम सुरक्षा को 24 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया। कोर्ट पहले ही ट्रायल कोर्ट को इस मुकदमे में अंतिम आदेश पारित करने से रोक चुका है।
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हाईकोर्ट में याचिका की मुख्य बातें
आजम खान और वीरेंद्र गोयल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ट्रायल कोर्ट के 30 मई 2025 के आदेश को चुनौती दी। इस आदेश में उनकी मांग अस्वीकार कर दी गई थी। दोनों ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने की अपील की और अंतरिम राहत देने का आग्रह किया। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि मुख्य गवाहों की दोबारा गवाही और महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज रिकॉर्ड में लाए बिना निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी मोहम्मद इस्लाम उर्फ इस्लाम ठेकेदार, शाहिद प्रधान और आले हसन खान की याचिकाओं को भी शामिल किया है और सभी याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई का आदेश दिया है।
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मामला 2016 के बलपूर्वक बेदखली प्रकरण से जुड़ा
यह विवाद वर्ष 2016 के रामपुर स्थित यतीम खाना वक्फ संख्या 157 में अनधिकृत ढांचे को ध्वस्त करने की कार्रवाई से संबंधित है। 15 अक्टूबर 2016 को वक्फ संपत्ति पर यह कार्रवाई की गई थी। इस प्रकरण में बाद में 2019 में रामपुर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। आजम खान और उनके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने वक्फ संपत्ति पर अवैध निर्माण कराया। इस मामले की सुनवाई के दौरान यह मुद्दा उठाया गया कि मुख्य गवाहों की गवाही और वीडियो सबूत रिकॉर्ड में लाए बिना निष्पक्ष निर्णय देना मुश्किल है।
अगली सुनवाई और कोर्ट की दिशा
हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं को कनेक्ट कर संयुक्त रूप से सुनवाई का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी। इस दौरान आजम खान और उनके सह-आरोपियों को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई है, ताकि ट्रायल कोर्ट किसी भी अंतिम आदेश को पारित न कर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम याचिकाकर्ताओं के पक्ष में महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें समय मिलता है कि वे अपने मामले की पूरी तैयारी कर सकें और आवश्यक सबूत प्रस्तुत कर सकें।









