Jauhar Trust Case : आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की नजर, बड़ी कार्रवाई की चर्चा

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की जांच तेज होने की चर्चा है। करीब 85.81 करोड़ रुपये के सरकारी निर्माण कार्य और 416.14 करोड़ रुपये के कथित अस्पष्टीकृत खर्च की पड़ताल की जा रही है। क्या 24 अक्टूबर के बाद बड़ी कार्रवाई होगी? फिलहाल एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

Jauhar Trust Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 23, 2026

Jauhar Trust Case : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़ी जांच लगातार आगे बढ़ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच का एक अहम चरण पूरा हो चुका है। सूत्रों के हवाले से 24 अक्टूबर के बाद संभावित कार्रवाई की चर्चा है। हालांकि, गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की को लेकर एजेंसी की ओर से किसी अंतिम कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

85.81 करोड़ रुपये के सरकारी कार्य जांच के दायरे में

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ED ने जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। फिलहाल अधिकारियों की ओर से बयानों और वित्तीय दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। जांच का एक प्रमुख पहलू यूनिवर्सिटी परिसर में सरकारी धन से कराए गए लगभग 85.81 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य हैं। एजेंसी इन कार्यों के लिए आवंटित धन, उसके इस्तेमाल और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

पंडाल, हॉस्टल और अस्पताल के निर्माण पर सवाल

सूत्रों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी परिसर में सरकारी धन से पंडाल, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) हॉस्टल और अस्पताल जैसी इमारतों व संरचनाओं का निर्माण कराया गया। आरोप है कि विधायक निधि और विधान परिषद सदस्य निधि से भी परिसर में लगभग 6.60 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए। जांच एजेंसी इन परियोजनाओं की वित्तीय प्रक्रिया और धन के वास्तविक उपयोग की जांच कर रही है। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को लेकर भी जांच

जांच का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू सरकारी ठेकों के तहत उपलब्ध कराई गई निर्माण सामग्री है। आरोप है कि सरकारी परियोजनाओं के लिए निर्धारित सामग्री का इस्तेमाल निजी यूनिवर्सिटी के निर्माण में किया गया। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निर्माण कार्यों में किस स्रोत से धन और सामग्री आई तथा क्या निर्धारित नियमों का उल्लंघन हुआ। दस्तावेजों के मिलान और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर जांच की दिशा तय होने की संभावना है।

अजीमनगर थाने में दर्ज है FIR

इस मामले में ED की आधिकारिक शिकायत के आधार पर रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खान, जौहर ट्रस्ट और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़े 416.14 करोड़ रुपये के कथित अस्पष्टीकृत खर्च का मुद्दा भी सामने आया है। यह राशि जांच के व्यापक दायरे से संबंधित बताई जा रही है। इसकी प्रकृति और कानूनी स्थिति को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

क्या यूनिवर्सिटी की संपत्तियां हो सकती हैं कुर्क?

बयानों और वित्तीय दस्तावेजों की जांच के बाद ED आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला ले सकती है। यदि जांच में संपत्ति या धन के संबंध में कानून के तहत आवश्यक आधार सामने आते हैं, तो संबंधित परिसंपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई संभव हो सकती है। गिरफ्तारी या किसी अन्य कदम के लिए भी कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी होगा।आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़ा मामला राजनीतिक और कानूनी, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल जांच के आरोपों को साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता। अब सबकी नजर ED की अगली आधिकारिक कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर है।

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