Azam Khan Jauhar Trust Notice: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आयकर विभाग (इनकम टैक्स) ने आजम खान के पारिवारिक संचालन वाले ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। विभाग ने ट्रस्ट को एक नया और सख्त नोटिस जारी किया है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं का हवाला दिया गया है। इसके साथ ही, एक बड़ा कदम उठाते हुए आयकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर (सेंट्रल सर्किल-1, लखनऊ) ने इस ट्रस्ट का इनकम टैक्स रजिस्ट्रेशन ही रद्द करने की आधिकारिक सिफारिश कर दी है। गौरतलब है कि जौहर ट्रस्ट को यह महत्वपूर्ण रजिस्ट्रेशन साल 2005 में मिला था, जिसे बाद के वर्षों में रिन्यू (नवीनीकृत) किया गया था।
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23 जून को होगी आमने-सामने की सुनवाई
प्रधान मुख्य आयुक्त आयकर (केंद्रीय, लखनऊ) के कार्यालय द्वारा यह ताजा नोटिस 17 जून 2026 को जारी किया गया है। नोटिस के मुताबिक, ट्रस्ट के खिलाफ वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के खातों और असेसमेंट (मूल्यांकन) की गहन कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इस पूरे मामले पर अंतिम और निर्णायक फैसले की दिशा में विभाग ने 23 जून 2026 को सुबह 11:30 बजे एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई तय की है।
आयकर विभाग ने नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिया है कि आजम खान स्वयं या अपने किसी अधिकृत कानूनी प्रतिनिधि (वकील या चार्टर्ड अकाउंटेंट) के माध्यम से विभाग के समक्ष उपस्थित हों और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखें। हालांकि, विभाग ने राहत देते हुए ट्रस्ट को ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए ऑनलाइन माध्यम से भी अपना लिखित जवाब और सबूत सबमिट करने का विकल्प दिया है।
विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत और 2023 की छापेमारी बना आधार
जौहर ट्रस्ट पर कसता यह शिकंजा अचानक नहीं हुआ है, बल्कि इसकी जड़ें साल 2021 में दर्ज हुई एक शिकायत से जुड़ी हैं। रामपुर सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक आकाश सक्सेना ने साल 2021 में जौहर ट्रस्ट के खातों और जमीन आवंटन में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर की शिकायत दर्ज कराई थी।
इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए आयकर विभाग की विशेष विंग ने 13 सितंबर 2023 को रामपुर समेत देश के कई अन्य ठिकानों पर, जो जौहर ट्रस्ट से जुड़े थे, एक व्यापक छापेमारी (सर्च ऑपरेशन) को अंजाम दिया था। इस मैराथन छापेमारी के दौरान विभाग को कई आपत्तिजनक दस्तावेज, बेहिसाब लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य सरकारी विभागों से गंभीर इनपुट मिले थे। इसी के आधार पर आयकर विभाग ने इस मामले को स्क्रूटनी और विशेष जांच के लिए चुना।
पहले भी मिल चुके हैं कई नोटिस
यह पहली बार नहीं है जब जौहर ट्रस्ट आयकर विभाग के रडार पर आया है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी विभाग ने ट्रस्ट को एक विस्तृत ‘कारण बताओ नोटिस’ (शो-कॉज नोटिस) जारी कर पूछा था कि क्यों न उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उस नोटिस के जवाब में ट्रस्ट की ओर से 28 मार्च 2026 और हाल ही में 9 जून 2026 को लिखित स्पष्टीकरण और दलीलें पेश की गई थीं। इस दौरान विभाग के अधिकारियों के साथ व्यक्तिगत सुनवाई (Personal Hearing) भी हुई थी।
बहरहाल, ट्रस्ट द्वारा अब तक दिए गए जवाबों और स्पष्टीकरणों से आयकर विभाग संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है, यही वजह है कि अब रजिस्ट्रेशन रद्द करने जैसी कठोर सिफारिश की गई है। 23 जून को होने वाली इस सुनवाई के बाद आने वाले फैसले से आजम खान और उनके परिवार की परेशानियां और अधिक बढ़ सकती हैं।
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