चंडीगढ़
हरियाणा में विजन-2047 के तहत आयुष सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। आमजन को आधुनिक चिकित्सा के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा का भी अधिकाधिक लाभ मिले, इसके लिए पूरी योजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि जींद और रेवाड़ी में राज्य स्तरीय औषधीय उद्यान (हर्बल गार्डन) स्थापित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
प्रत्येक योगशाला के साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में आयुर्वेद आधारित संतुलित एवं पौष्टिक आहार को बढ़ावा देने के लिए 847 आयुष योग सहायकों, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों तथा संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य कुपोषण, एनीमिया तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के साथ-साथ खेल भावना को बढ़ावा देना, आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार पथ्य-अपथ्य का प्रचार करना है।
अधिकारियों ने सर्विस रूल तैयार कर मंजूरी दी
बैठक में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को आयुष प्रणाली के तहत मान्यता देने और उनके पंजीकरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए सर्विस रूल तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिए गए हैं और जल्द ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक मेडिटेशन सेंटर और बड़े मेडिटेशन हाल के निर्माण पर चर्चा हुई।
पंचकर्म सुविधाओं वाली डिस्पेंसरी और अस्पतालों की समीक्षा की
इसके अलावा फतेहाबाद के सरकारी अस्पताल में आयुष पंचकर्म अस्पताल, भिवानी के प्रेम नगर में दीनदयाल उपाध्याय आयुर्वेदिक अस्पताल एवं 25 बिस्तरों वाले अस्पताल तथा गुरुग्राम के जमालपुर में पंचकर्म सुविधाओं वाली डिस्पेंसरी और अस्पताल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि लोगों को बेहतर और सुलभ आयुष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।










