Ram Mandir News: उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कश्मीर के एक मुस्लिम व्यक्ति ने परिसर के भीतर नमाज पढ़ने और नारेबाजी करने का प्रयास किया। इस गंभीर सुरक्षा चूक के बाद प्रशासन ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
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राम जन्मभूमि परिसर में घुसपैठ से मचा हड़कंप
बताते चले कि, शनिवार, 10 जनवरी को दोपहर लगभग 12 बजे, जम्मू-कश्मीर के शोपियां निवासी 55 वर्षीय अब्दुल अहद शेख ने राम मंदिर परिसर के भीतर प्रवेश कर नमाज पढ़ने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह अचानक नमाज पढ़ने लगा और जोर-जोर से नारेबाजी करने लगा। इस अप्रत्याशित घटना ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच खलबली मचा दी। तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने उसे हिरासत में ले लिया, लेकिन इस घटना ने राम मंदिर जैसे संवेदनशील स्थल की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अभेद्य किले में तब्दील हुई मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था
इस घटना के बाद अयोध्या पुलिस प्रशासन पूरी तरह ‘अलर्ट मोड’ पर आ गया है। राम मंदिर से लेकर प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अब सीसीटीवी कंट्रोल रूम में विशेष रूप से दो सिपाहियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी लगाई गई है, जो परिसर के हर कोने पर बारीकी से नजर रखेंगे। आधुनिक कैमरों से लैस इस कंट्रोल रूम के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
हनुमानगढ़ी पर कड़ी पहरेदारी
राम मंदिर के साथ-साथ हनुमानगढ़ी की सुरक्षा को भी चाक-चौबंद किया गया है। मंदिर की सीढ़ियों पर नए मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और आने-जाने वाले हर श्रद्धालु की गहन तलाशी ली जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। इसी बीच, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी राजू दास ने घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन से मांग की है कि अयोध्या के संवेदनशील क्षेत्रों में बाहरी संदिग्ध तत्वों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
अधिकारियों के निर्देश और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त गश्त
सुरक्षा को लेकर लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के तहत, एसीपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कड़ी स्क्रीनिंग की जा रही है। अधिकारियों ने पुलिस बल को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगती है, तो बिना देरी किए उससे पूछताछ की जाए। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने नियमित गश्त (Petrolling) बढ़ा दी है, जिससे परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा का घेरा और मजबूत हो गया है।
बम निरोधक दस्ता और CRPF जवानों की तैनाती
प्रशासन अब सुरक्षा के हर पहलू पर बारीकी से ध्यान दे रहा है। सीसीटीवी की निगरानी के अलावा, सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर बैग स्कैनर लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाते हुए सिविल पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ (CRPF) के जवान और बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) को भी तैनात कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं और किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
जम्मू-कश्मीर तक पहुंची जांच की आंच
पकड़े गए आरोपी अब्दुल अहद शेख से लगातार पूछताछ की जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा जम्मू-कश्मीर तक फैल गया है। स्थानीय पुलिस के सहयोग से सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के घर शोपियां पहुंचीं, जहां उसके परिजनों से सवाल-जवाब किए गए। हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी के परिवार ने उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया है। पुलिस अब इस दावे की सच्चाई और घटना के पीछे के वास्तविक उद्देश्यों की गहराई से जांच कर रही है।










