Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर की दान पेटिका में हुई वित्तीय अनियमितताओं (Donation Row) के मामले में रविवार को पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए बेहद सख्त रुख अपनाया है। अयोध्या पुलिस की विभिन्न टीमों ने एक साथ मिलकर इस मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया। जांच टीमें मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा, अवनीश शुक्ला, मनीष यादव और टिन्नू यादव सहित सभी आठ आरोपियों के घरों पर भारी दलबल के साथ पहुंचीं और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया।
आरोपियों के आवास पर भारी पुलिस बल की तैनाती
बताते चले कि, छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के हस्तक्षेप को रोकने के लिए आरोपियों के घरों के मुख्य द्वारों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने घरों के हर कोने की बारीकी से तलाशी ली और वहां मौजूद परिजनों से कड़ी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। इस दौरान पुलिस ने घोटाले से जुड़े दस्तावेजों, गुप्त बैंक खातों और छिपाकर रखे गए धन को बरामद करने का प्रयास किया। जांच की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस ने पड़ोसियों और स्थानीय गवाहों को भी इस कार्रवाई में शामिल किया है।
वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश
जांच में जुटी पुलिस को इस वित्तीय घोटाले में अब तक बड़ी सफलता हाथ लगी है। खबरों के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से करीब 80 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और वे उन सभी कड़ियों को जोड़ रहे हैं जो इस भ्रष्टाचार के जाल को उजागर करेंगी। स्थानीय नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उनके पास मंदिर के दान में हुई इस चोरी या धांधली से जुड़ा कोई भी सबूत है, तो वे निडर होकर पुलिस के सामने आएं और अपना बयान दर्ज कराएं।
बृहस्पतिवार को दर्ज हुआ था मामला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस मामले में पुलिस पूरी तरह से आक्रामक मुद्रा में है। इस पूरे हेरफेर का खुलासा होने के बाद बीते बृहस्पतिवार को मामला दर्ज किया गया था। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शुक्रवार को ही सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। फिलहाल सभी आरोपी सलाखों के पीछे हैं। पुलिस अब इस मामले की चार्जशीट को इतना मजबूत बनाने में जुटी है कि आरोपियों को किसी भी स्थिति में कानून की पकड़ से बचने का मौका न मिले। इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि आस्था के केंद्र में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।










