Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर के दान में हुआ बड़ा घोटाला? प्रियंका और केजरीवाल ने उठाए गंभीर सवाल

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी और चोरी के मामले ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। प्रियंका गांधी ने इसे आस्था के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया है, वहीं अरविंद केजरीवाल ने इसे 'महाडकैती' करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने अब तक 8 संदिग्ध कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच अभी जारी है।

Ram Mandir Donation Row

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 27, 2026

Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के राम मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावे की राशि में हेराफेरी और आभूषणों की चोरी के मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस घटना को करोड़ों भक्तों की आस्था पर प्रहार बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की पवित्र आस्था का केंद्र हैं और मंदिर में दान का पैसा इसी पवित्र भाव से दिया जाता है। प्रियंका ने इसे ‘चोरी और लूट का कपटपूर्ण कृत्य’ करार देते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल छोटे कर्मचारी इतनी बड़ी हेराफेरी को अंजाम दे सकते हैं, या इसके पीछे किसी बड़े तंत्र की मिलीभगत है? उन्होंने मामले की पारदर्शी जांच की मांग करते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने पर जोर दिया।

अरविंद केजरीवाल ने बताया महाडकैती, दोषियों को फांसी की मांग

इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार और मंदिर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने इसे ‘महाडकैती’ करार देते हुए कहा कि दर्ज कराई गई एफआईआर मात्र एक धोखा है, जिसके जरिए बड़े प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे को ‘धर्म युद्ध’ की संज्ञा देते हुए समाज से दोषियों के बहिष्कार की अपील की है। केजरीवाल ने आक्रोश जताते हुए संकल्प लिया कि जब तक इस ‘पाप’ में शामिल असली दोषियों को फांसी की सजा नहीं मिल जाती, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे आस्था के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया है।

आठ आरोपी गिरफ्तार, नगदी और कीमती सामान बरामद

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई में अब तक आठ संदिग्ध कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चंदा गिनती में लगे इन कर्मचारियों के पास से बेहिसाब नकदी और महंगी वस्तुएं बरामद हुई हैं, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक हैं। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस बड़े गबन के पीछे के मुख्य सूत्रधार कौन हैं।

राम मंदिर में हुए इस कथित गबन ने पूरे देश में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां एक ओर विपक्ष इसे सत्ता पक्ष की विफलता और भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बता रहा है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इतने बड़े स्तर पर चढ़ावे की हेराफेरी में आखिर किसकी-किसकी संलिप्तता है। चंदे की गिनती और उसके प्रबंधन में बरती गई कथित लापरवाही ने सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें एसआईटी की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या इस जांच में केवल निचले स्तर के कर्मचारी ही दोषी पाए जाएंगे, या जांच की आंच बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों तक भी पहुंचेगी।