Ayodhya Ram Mandir: दान में हेरफेर की संभावना खत्म! राम मंदिर ट्रस्ट की नई व्यवस्था से बढ़ेगा विश्वास

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दानराशि की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ट्रस्ट ने नई सख्त व्यवस्था लागू की है। अब दान गणना कक्ष में कर्मचारियों के लिए विशेष ड्रेस कोड, निजी सामान पर पाबंदी और निगरानी के लिए कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है। इन उपायों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आस्था और दान प्रबंधन को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है।

Ayodhya Ram Mandir

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 24, 2026

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की जाने वाली दानराशि की सुरक्षा और उसमें पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने एक नई और सख्त कार्यप्रणाली लागू की है। मंदिर में आने वाले भारी-भरकम चढ़ावे की गणना और उसके प्रबंधन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ट्रस्ट ने दान गणना कक्ष (Counting Room) के संचालन के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाना और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की संभावना को जड़ से समाप्त करना है।

कर्मचारियों के लिए अनिवार्य ड्रेस कोड

ट्रस्ट द्वारा निर्धारित नई व्यवस्था के तहत, दान की गणना में लगे कर्मचारियों के लिए विशेष पोशाक अनिवार्य कर दी गई है। अब कर्मचारियों को बिना जेब वाले विशेष वस्त्र पहनने होंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे। गणना कक्ष में प्रवेश से पहले सभी कर्मियों की गहन तलाशी ली जा रही है। किसी भी कर्मचारी को मोबाइल फोन, बैग, पर्स या कोई भी निजी वस्तु साथ ले जाने की अनुमति नहीं है। गणना कक्ष में कर्मचारी केवल ‘खाली हाथ’ प्रवेश कर सकेंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि गणना के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि की कोई गुंजाइश न रहे।

सीसीटीवी कैमरों की संख्या में की गई बढ़ोतरी

दानराशि की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए ट्रस्ट ने अत्याधुनिक निगरानी तंत्र स्थापित किया है। दान गणना कक्ष में पहले जहां छह सीसीटीवी कैमरे लगे थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 10 कर दी गई है। इन कैमरों की नजर हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे बनी रहेगी, ताकि गणना की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखा जा सके। सुरक्षा के इस घेरे को और मजबूत करने के लिए प्रवेश और निकास के समय कड़ी निगरानी का प्रोटोकॉल लागू किया गया है।

कार्य प्रक्रिया का पूरा लेखा-जोखा

ट्रस्ट अब प्रत्येक कर्मचारी की गतिविधियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। गणना में शामिल होने वाले हर कर्मचारी का नाम, अंदर जाने का समय, गणना की अवधि और बाहर निकलने के समय का पूरा विवरण डिजिटल डेटाबेस में दर्ज किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, गणना के प्रारंभ और समापन के दौरान उपस्थिति भी अनिवार्य रूप से दर्ज की जा रही है। ट्रस्ट का प्रयास है कि दान प्रबंधन की प्रत्येक गतिविधि दस्तावेज आधारित हो, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की शिकायत या ऑडिट की स्थिति में स्पष्टता बनी रहे।

आधुनिक प्रबंधन प्रणाली का लक्ष्य

हाल के दिनों में दानराशि के प्रबंधन को लेकर हुई चर्चाओं के बाद ट्रस्ट ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ट्रस्ट का स्पष्ट मानना है कि आधुनिक निगरानी व्यवस्था और रिकॉर्ड-आधारित प्रक्रिया से मंदिर की दान प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकता है। यह नई व्यवस्था किसी व्यक्ति विशेष पर संदेह के बजाय, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और उनके द्वारा दिए गए दान के प्रति जवाबदेही और विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए है। इस नई व्यवस्था से दान की गणना से लेकर प्रबंधन के हर चरण पर नियंत्रण और भी अधिक सख्त हो गया है।