Ayodhya Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर के चढ़ावे में हुई हेरफेर? VHP ने की तत्काल FIR की मांग

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं ने देशभर में हलचल मचा दी है। करोड़ों रुपये के गबन के आरोपों के बाद यूपी सरकार द्वारा गठित SIT अपनी जांच रिपोर्ट सौंप चुकी है। चंपत राय और मंदिर प्रशासन पर उठ रहे सवालों के बीच, क्या मंदिर का मैनेजमेंट अब पूरी तरह बदलने वाला है? जानिए पूरी सच्चाई।

Ayodhya Ram Mandir Donation Row

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 25, 2026

Ayodhya Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय हेरफेर का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने गुरुवार को नई दिल्ली में मीडिया के सामने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के शीर्ष और सबसे सक्षम अधिकारियों को इस संवेदनशील जांच में शामिल करने पर जोर दिया है। आलोक कुमार ने दो टूक कहा कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, चाहे वह कोई भी हो। उनका स्पष्ट संदेश है कि हिंदू समाज की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा कवच नहीं मिलना चाहिए।

न्यायिक प्रक्रिया और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की आवश्यकता

बताते चले कि, VHP प्रमुख ने मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप का सुझाव दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की सुनवाई एक ‘फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ में प्रतिदिन होनी चाहिए। आलोक कुमार का लक्ष्य है कि चार महीने के भीतर इस मामले में दोषियों को सजा दिलाकर जेल भेजा जाए, ताकि समाज के भीतर पनप रहे असंतोष को दूर किया जा सके और न्याय का संदेश स्पष्ट हो। उनकी यह मांग मामले की गंभीरता और सार्वजनिक भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।

SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई का दबाव

हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है। हालांकि, SIT के सदस्य विजय विश्वास पंत ने रिपोर्ट की सामग्री को गोपनीय रखा है, लेकिन VHP अध्यक्ष का मानना है कि मामला अब उस चरण में है जहां देरी की कोई गुंजाइश नहीं है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की पुष्टि के बाद, आलोक कुमार ने पुलिस से बिना किसी बाहरी या राजनीतिक दबाव के पारदर्शी जांच और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

चंपत राय के इस्तीफे की अटकलें

मीडिया में चल रही चंपत राय के इस्तीफे की खबरों पर भी VHP अध्यक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें महासचिव या अन्य किसी अधिकारी के इस्तीफे की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नैतिक आधार पर इस्तीफा देता भी है, तो वह केवल जिम्मेदारी निभाने का तरीका हो सकता है ताकि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष बनी रहे। आलोक कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी को सलाह नहीं दे रहे हैं, बल्कि ट्रस्ट के पदाधिकारी स्वयं विवेकशील हैं और वे उचित निर्णय लेने में सक्षम हैं।

मंदिर प्रबंधन प्रणाली और भविष्य के लिए प्रोफेशनल SOP का सुझाव

भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए, VHP ने एक ‘फूल-प्रूफ’ और प्रोफेशनल मैनेजमेंट सिस्टम की वकालत की है। आलोक कुमार का मानना है कि राम मंदिर का दान प्रबंधन केवल भरोसे पर नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने एक अनुभवी पेशेवर की नियुक्ति और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने की अनिवार्यता पर जोर दिया है। उनका उद्देश्य एक ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बनाना है जहाँ एक पैसे का भी हिसाब-किताब संदिग्ध न रहे, ताकि जनता का मंदिर के प्रति अटूट विश्वास अक्षुण्ण बना रहे।