
Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या के दीपोत्सव-2026 को खास बनाने के लिए योगी सरकार ने एक नई पहल की है। इस बार देशभर के लोग अपनी पेंटिंग और छोटी-छोटी वीडियो रील के जरिए रामनगरी की खूबसूरती, धार्मिक विरासत और बदलते स्वरूप को दुनिया के सामने पेश कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन प्रतियोगिताओं में हर उम्र के लोग हिस्सा ले सकते हैं। आवेदन और प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर तय की गई है।
अयोध्या की विरासत और विकास को दिखाने का मौका

सरकार का मकसद है कि लोग अपनी कला और रचनात्मकता के जरिए अयोध्या की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। इसमें रामनगरी के धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक परंपराएं, विकास कार्य और दीपोत्सव की भव्यता दिखाई जा सकती है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या देश की आस्था, संस्कृति और विरासत के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रही है।
चित्रकला प्रतियोगिता में कैनवास पर उतारें अयोध्या की तस्वीर
चित्रकला प्रतियोगिता की थीम ‘कला के माध्यम से अयोध्या का उत्सव’ रखी गई है। इसमें प्रतिभागियों को वॉटर कलर यानी जलरंग से अपनी मौलिक पेंटिंग बनानी होगी। पेंटिंग में अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल, विकास की नई तस्वीर या दीपोत्सव की रौनक दिखाई जा सकती है। कलाकृति खुद तैयार की गई होनी चाहिए और उसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जा सके।
एआई से बनी या नकल की गई पेंटिंग नहीं होगी स्वीकार
प्रतियोगिता में पहले से प्रकाशित या किसी दूसरे की नकल करके बनाई गई पेंटिंग स्वीकार नहीं की जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार कलाकृतियों को भी अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा विषय से हटकर, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री वाली प्रविष्टियां प्रतियोगिता से बाहर कर दी जाएंगी।
रील मेकिंग प्रतियोगिता में 60 सेकंड में दिखाएं नई अयोध्या
वीडियो बनाने में रुचि रखने वालों के लिए रील मेकिंग प्रतियोगिता रखी गई है। इसकी थीम ‘नए रूप में अयोध्या’ है। इसमें प्रतिभागियों को 30 से 60 सेकंड की मौलिक रील बनानी होगी। वीडियो में अयोध्या के विकास, प्राचीन संस्कृति और दीपोत्सव-2026 की भव्यता को रचनात्मक तरीके से दिखाया जा सकता है। रील स्पष्ट, आकर्षक और सार्वजनिक प्रदर्शन के योग्य होनी चाहिए।
रील में कॉपीराइट और मौलिकता का रखें ध्यान

रील बनाते समय संगीत, वीडियो फुटेज और दूसरी रचनात्मक सामग्री के लिए कॉपीराइट-मुक्त संसाधनों का इस्तेमाल करना जरूरी होगा। किसी दूसरे की सामग्री बिना अनुमति इस्तेमाल करने या उसकी नकल करने पर प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी। भ्रामक, आपत्तिजनक और विषय से असंबंधित वीडियो भी प्रतियोगिता से बाहर रहेंगे। एआई से तैयार सामग्री का अत्यधिक इस्तेमाल करने वाली रील को भी मान्यता नहीं दी जाएगी।
अयोध्या दीपोत्सव प्रतियोगिता के लिए ऐसे करें आवेदन
चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के इच्छुक लोग संबंधित ऑनलाइन फॉर्म के जरिए आवेदन कर सकते हैं। दोनों प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग लिंक जारी किए गए हैं।

चित्रकला प्रतियोगिता: https://docs.google.com/forms/d/1Xe32PrX_AVhK_W51G19hY9Zc5IFWqvxArSHxzQqqp9U/edit
रील मेकिंग प्रतियोगिता: https://docs.google.com/forms/d/1miXQMb611-gZ8HOMeLlgtpUTTY2-BZugs3O8MPtwfkw/edit
आवेदन करने से पहले प्रतिभागी संबंधित फॉर्म में दिए गए निर्देशों और शर्तों को ध्यान से पढ़ लें। प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर है।
दीपोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे विजेताओं का सम्मान
इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को दीपोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में सम्मानित किया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को अपनी कला और हुनर दिखाने के साथ बड़े मंच पर पहचान बनाने का मौका भी मिलेगा।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की पहल
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि इन प्रतियोगिताओं के जरिए अयोध्या की आध्यात्मिक महत्ता, समृद्ध विरासत और विकास की कहानी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके मुताबिक, ऐसी पहल से जनभागीदारी बढ़ेगी और नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकेगी। सरकार को उम्मीद है कि देशभर से प्रतिभागी अपनी कल्पनाशीलता और नए विचारों के जरिए अयोध्या के दीपोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान देंगे।
‘विकास भी, विरासत भी’ की झलक दिखाने की तैयारी

दीपोत्सव-2026 की ये प्रतियोगिताएं लोगों को अयोध्या को अपने नजरिए से दिखाने का अवसर देंगी। कोई रंगों के जरिए रामनगरी की परंपराओं को उकेरेगा, तो कोई छोटी रील में उसकी आधुनिक तस्वीर पेश करेगा। अब देखना होगा कि देशभर से आने वाली प्रविष्टियों में अयोध्या की कौन-सी झलक लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचती है।











