Ram Mandir Tourism: रामनगरी अयोध्या में भगवान श्री रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने से पहले ही इसे आधुनिक हवाई यात्रा से जोड़ दिया गया था, जिसके बाद से यहां आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के शुरुआती छह महीनों (जनवरी से जून) के दौरान तीन लाख सत्तर हजार से अधिक ऐसे यात्री सामने आए जिन्होंने अयोध्या आने और जाने के लिए हवाई जहाज का उपयोग किया। इस अवधि में रामनगरी में आने वाले यात्रियों की कुल संख्या लगभग एक लाख नब्बे हजार रही, जबकि यहां से वापस जाने वाले यात्रियों का आंकड़ा एक लाख अस्सी हजार दर्ज किया गया है।
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नियमित उड़ानें
बताते चले कि, महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट अयोध्या से देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, अहमदाबाद, बेंगलुरु, मुंबई और हिसार के लिए सीधी हवाई सुविधा निर्बाध रूप से उपलब्ध है। वर्तमान में इंडिगो की चार तथा अकासा और एलायंस एयर की एक-एक फ्लाइट रोजाना संचालित हो रही हैं। बीते छह महीनों की बात करें तो हर महीने औसतन 50 हजार से अधिक लोगों ने अयोध्या आने और वापस जाने के लिए हवाई मार्ग का ही चुनाव किया। आंकड़ों के मुताबिक, मई के महीने में सबसे अधिक 69 हजार 746 यात्रियों के आने और जाने का नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया, जो हवाई यातायात की लोकप्रियता को साफ दर्शाता है।
ऐतिहासिक मील का पत्थर
आपको बता दे कि, भारतीय राजनीति और धार्मिक इतिहास में 9 नवंबर 2019 को राम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया था, जिसके बाद 5 अगस्त 2020 को मंदिर निर्माण की विधिवत शुरुआत हुई। आगे चलकर 22 जनवरी 2024 को रामलला के विग्रह की भव्य प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इसके ठीक पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 2023 को महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का लोकार्पण किया था। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने वाले विशिष्ट अतिथियों ने सबसे पहले इस हवाई अड्डे का उपयोग किया और तभी से रामनगरी के लिए श्रद्धालुओं का विमान से आना-जाना अनवरत रूप से शुरू हो गया।
जनवरी से जुलाई 2026 तक हवाई यात्रियों का विस्तृत विवरण
सामने आए आधिकारिक मासिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के विभिन्न महीनों में हवाई यात्रियों की संख्या इस प्रकार रही है: जनवरी में आगमन 34,023 और प्रस्थान 34,853 (कुल 68,876); फरवरी में आगमन 29,616 और प्रस्थान 27,793 (कुल 57,409); मार्च में आगमन 31,621 और प्रस्थान 30,018 (कुल 61,639); अप्रैल में आगमन 37,859 और प्रस्थान 29,436 (कुल 67,295); मई में आगमन 35,050 और प्रस्थान 34,696 (कुल 69,746); जून में आगमन 21,884 और प्रस्थान 23,289 (कुल 45,173); तथा जुलाई (19 जुलाई 2026 तक) आगमन 8,801 और प्रस्थान 10,376 (कुल 19,177) दर्ज किया गया है।
व्यवसाय के साथ बढ़ रहा पर्यटकों का रुझान
हवाई जहाज से अयोध्या पहुंचने वाले अधिकांश यात्रियों का मुख्य उद्देश्य आराध्य श्री रामलला के दर्शन करना और रामनगरी के अन्य ऐतिहासिक व पौराणिक दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करना होता है। हालांकि इनमें से कुछ ही लोग ऐसे हैं जो नियमित रूप से अपने व्यापार या व्यवसाय के सिलसिले में इन उड़ानों का उपयोग करते हैं, लेकिन बहुसंख्यक आबादी धार्मिक पर्यटन से जुड़ी हुई है। हवाई सेवा के विस्तार और सुगमता के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या की यात्रा बेहद आसान हो गई है, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिल रहा है।










