Aviation Fuel Prices cut down: जुलाई महीने की शुरुआत आम आदमी के लिए एक राहत भरी खबर लेकर आई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट का सीधा असर अब घरेलू बाजार में भी दिखाई दे रहा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने आज, 1 जुलाई 2026 को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में लगभग 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस ताजा बदलाव के बाद, दिल्ली में जेट फ्यूल की नई कीमत 110 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यह कटौती एयरलाइन कंपनियों और यात्रियों दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है।
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हवाई किराए में राहत की उम्मीद
विमानन उद्योग (Aviation Industry) में परिचालन लागत का सबसे बड़ा हिस्सा जेट फ्यूल ही होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी एयरलाइन की कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट का लगभग 40 से 50 फीसदी हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है। ऐसे में ATF की कीमतों में कमी का सीधा संबंध हवाई टिकटों के किराए से है। अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि विमानन कंपनियां अपने यात्रियों को इस कटौती का लाभ देंगी। दिल्ली-मुंबई, मुंबई-बेंगलुरु और अन्य प्रमुख रूटों पर बेस फेयर में कमी की संभावना बढ़ गई है। इसके अलावा, एयरलाइन कंपनियां टिकटों में जो ‘फ्यूल सरचार्ज’ जोड़ती हैं, उनमें भी कटौती की जा सकती है, जिससे यात्रियों को सस्ती टिकटें मिलने की उम्मीद है।
ATF की कीमतों का निर्धारण कैसे होता है?
भारत में सरकारी तेल कंपनियां जेट फ्यूल की कीमतों की समीक्षा महीने में दो बार करती हैं—हर 15 दिन के अंतराल पर। ये नई दरें आमतौर पर महीने की पहली और 16 तारीख को लागू की जाती हैं। कीमतों का यह निर्धारण मुख्य रूप से दो कारकों पर निर्भर करता है:
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की औसत कीमत: वैश्विक बाजार में तेल की चाल ही घरेलू कीमतों का आधार बनती है।
विदेशी मुद्रा विनिमय दर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति भी कीमतों पर सीधा असर डालती है।
इसी नीति के तहत, आज की कटौती ने बाजार में एक नई उम्मीद जगाई है।
आज और क्या-क्या हुआ बदलाव?
जेट फ्यूल के अलावा, 1 जुलाई से अन्य पेट्रोलियम उत्पादों और ईंधन क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव: सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को पुनर्गठित किया है। अब पेट्रोल पर 4 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 8.5 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 7.5 रुपये प्रति लीटर की एक्सपोर्ट ड्यूटी लागू की गई है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर: व्यावसायिक उपयोग वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 183.50 रुपये की बड़ी कटौती की गई है, जो होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए बड़ी राहत है।
स्थिरता: जहां एक ओर जेट फ्यूल और कमर्शियल गैस सस्ती हुई हैं, वहीं दूसरी ओर घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही, पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में भी फिलहाल कोई फेरबदल नहीं हुआ है, जो आम जनता के लिए राहत और स्थिरता का संकेत है।
कुल मिलाकर, जेट फ्यूल में यह कटौती हवाई यात्रियों के लिए एक अच्छे दिन की शुरुआत है, और अब सबकी नजरें एयरलाइन कंपनियों पर हैं कि वे इसका लाभ यात्रियों तक कब तक पहुंचाती हैं।
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