Anthony Albanese Protest: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ को उस समय एक बेहद असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब सिडनी की प्रसिद्ध लेकम्बा मस्जिद में ईद की नमाज़ के दौरान उन्हें भारी विरोध के चलते बीच में ही कार्यक्रम छोड़कर जाना पड़ा। गाज़ा में जारी इजराइली हमलों और लेबनान की तबाही पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार के रुख से नाराज मुस्लिम समुदाय ने प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सिडनी में शुक्रवार को मनाए गए ईद-उल-फित्र के जश्न के दौरान यह घटना घटी, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं।
मस्जिद में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का कड़ा विरोध
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ और गृह मंत्री टोनी बर्क इस्लामिक समुदाय के नेताओं के निमंत्रण पर शुक्रवार सुबह लेकम्बा मस्जिद पहुंचे थे। जैसे ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई, मस्जिद के एक नेता ने मंच से सरकार से इस मुद्दे पर अधिक स्पष्ट और मजबूत बातचीत की मांग की। इसी दौरान वहां मौजूद भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। नमाजियों के एक बड़े हिस्से ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर “नरसंहार का समर्थक” होने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने चिल्लाकर उन्हें मस्जिद से तुरंत बाहर जाने को कहा, जिससे वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
गाज़ा और लेबनान संकट पर सरकार की नीतियों से नाराजगी
ऑस्ट्रेलियाई मुस्लिम समुदाय में पिछले काफी समय से एंथनी सरकार के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है। लेकम्बा मस्जिद में हुआ यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से गाज़ा पर इजराइली सैन्य कार्रवाई और लेबनान में हुई व्यापक तबाही को लेकर सरकार की उदासीनता का परिणाम माना जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इन हमलों को रोकने के लिए पर्याप्त दबाव नहीं बना रही है। इसके अतिरिक्त, देश के भीतर बढ़ते ‘इस्लामोफ़ोबिया’ (मुसलमानों के प्रति पूर्वाग्रह) को नियंत्रित करने में सरकार की विफलता ने आग में घी डालने का काम किया है।
“उसे यहाँ से निकालो”: मस्जिद में लगे शर्मनाक नारे
वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब प्रधानमंत्री अल्बानीज़ भीड़ के बीच से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तो लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। कई लोग उन पर चिल्लाते हुए कह रहे थे, “इसे यहाँ से निकालो! यह हमारे लिए शर्म की बात है।” भारी विरोध और नारेबाजी के बीच सुरक्षाकर्मियों को उन्हें सुरक्षित बाहर ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, इस घटना के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या टिप्पणी जारी नहीं की गई है, लेकिन सिडनी के राजनीतिक गलियारों में इसकी काफी चर्चा हो रही है।
मुस्लिम समुदाय और ऑस्ट्रेलियाई सरकार के बीच बढ़ती खाई
यह घटना दर्शाती है कि ऑस्ट्रेलिया के भीतर घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मानवीय संकटों को लेकर समुदायों के बीच कितना गहरा मतभेद है। लेकम्बा मस्जिद, जो सिडनी में इस्लामी पहचान का एक बड़ा केंद्र है, वहां देश के सर्वोच्च नेता का इस तरह विरोध होना यह संकेत देता है कि आने वाले समय में लेबर पार्टी की सरकार के लिए मुस्लिम मतदाताओं का भरोसा जीतना एक बड़ी चुनौती होगी। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सरकार को अपनी विदेश नीति और घरेलू सुरक्षा नीतियों में संतुलन बनाने की सख्त जरूरत है।
कूटनीतिक और सामाजिक स्तर पर बढ़ी मुश्किलें
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के लिए यह अनुभव न केवल व्यक्तिगत रूप से अप्रिय रहा, बल्कि इसने उनकी सरकार की ‘समावेशी छवि’ पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ईद जैसे पवित्र अवसर पर शांति और भाईचारे के संदेश की जगह विरोध के स्वरों का उभरना समाज में व्याप्त बेचैनी को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस विरोध को शांत करने के लिए क्या कदम उठाती है।
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