Atiq Ahmed Son News: गैंगस्टर से नेता बने दिवंगत अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर अहमद को पुलिस हिरासत में प्रयागराज ले जाने के दौरान नवाबगंज टोल प्लाजा पर हंगामा होने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, उमर के काफिले के पीछे चल रहे 28 निजी वाहनों के मालिकों के खिलाफ टोल बैरियर तोड़कर बिना शुल्क दिए निकलने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई टोल प्लाजा प्रबंधन की शिकायत और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर की गई है।
छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे उमर
पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार दोपहर करीब 3:50 बजे की बताई जा रही है। उस समय उमर अहमद को पुलिस सुरक्षा और हिरासत में उनके छोटे भाई अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया जा रहा था। उमर को लेकर सरकारी वाहनों का काफिला नवाबगंज टोल प्लाजा से गुजर रहा था। इसी दौरान उनके पीछे कई निजी वाहन भी वहां पहुंच गए।
टोल बूथ के पीछे चल रहे वाहनों पर आरोप
बताया गया है कि उमर को ले जा रहे पुलिस वाहनों के टोल बूथ संख्या-3 से निकलने के तुरंत बाद करीब 25 से 30 निजी वाहन तेजी से आगे बढ़े। आरोप है कि इनमें से कई वाहन टोल भुगतान किए बिना ही निकल गए। टोल प्रबंधन की शिकायत में दावा किया गया है कि कुछ वाहनों ने वहां लगे बूम बैरियर को तोड़ दिया और बिना निर्धारित शुल्क चुकाए आगे निकल गए। हालांकि, इन वाहनों में कौन-कौन लोग सवार थे, इसकी पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है।
टोल प्रबंधन की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
मामले में नवाबगंज टोल प्लाजा के सहायक प्रबंधक जय प्रकाश यादव की शिकायत को आधार बनाया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। टोल प्रबंधन का कहना है कि बिना शुल्क दिए वाहनों के गुजरने से आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज से 28 वाहनों की पहचान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की गई। इसके अलावा वहां से गुजरने वाले वाहनों के पंजीकरण नंबरों को भी खंगाला गया। जांच के दौरान कुल 28 वाहनों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है। अब पुलिस इन वाहनों के मालिकों और उनमें मौजूद लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
वाहन मालिकों से पूछताछ की तैयारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के तहत संबंधित वाहन मालिकों की पहचान और उनसे पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का यह भी प्रयास है कि टोल शुल्क की बकाया राशि की वसूली की जा सके। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि सभी वाहन एक ही समूह से जुड़े थे या अलग-अलग लोग उमर के काफिले के पीछे चल रहे थे।
समर्थकों से जुड़े होने के आरोप की जांच
टोल प्रबंधन की शिकायत में इन निजी वाहनों को उमर अहमद के समर्थकों से जुड़ा बताया गया है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। सीसीटीवी फुटेज, वाहन पंजीकरण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल मामला टोल बैरियर तोड़ने और बिना शुल्क दिए गुजरने के आरोपों तक सीमित है।
अंतिम संस्कार के दौरान बढ़ी थी सुरक्षा
उमर अहमद को उनके छोटे भाई अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पुलिस हिरासत में प्रयागराज लाया गया था। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। इसी काफिले के पीछे निजी वाहनों के बड़ी संख्या में पहुंचने के बाद टोल प्लाजा पर यह विवाद सामने आया। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और दर्ज शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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