Assam Floods: असम और नागालैंड में बाढ़ से हालात गंभीर, 47 मौतें, बादल फटने से 6.5 लाख लोग प्रभावित

असम और नागालैंड में भारी बारिश और बादल फटने के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक असम में 47 लोगों की मौत हो चुकी है और 6.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। आखिर हालात कब सामान्य होंगे? जानिए पूरी खबर।

Assam Floods

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 24, 2026

Assam Floods:  असम राज्य में बाढ़ से पैदा हुए विकराल हालात दिन-प्रतिदिन बेहद बदतर होते जा रहे हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ओर से हाल ही में जारी किए गए ताजा और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले चौबीस घंटों के दौरान छह और लोगों की जान जाने के बाद राज्य में बाढ़ के कारण मरने वाले कुल लोगों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। वर्तमान में राज्य के 11 जिलों के लगभग 939 से अधिक गांव इस विनाशकारी बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जिससे 6.53 लाख से अधिक आबादी बुरी तरह प्रभावित है। इसके अलावा, भारी मानसूनी बारिश के चलते असम की राजधानी गुवाहाटी के कई प्रमुख हिस्सों में गंभीर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

नागालैंड में बादल फटने से असम के चार जिले सर्वाधिक प्रभावित

इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने गुरुवार को गोलाघाट जिले के देरगांव स्थित एक राहत शिविर का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया और वहां शरण लिए हुए बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मौजूदा स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पड़ोसी राज्य नागालैंड में हुई बादल फटने की घटना के कारण ऊपरी पहाड़ी इलाकों से भारी मात्रा में बहकर आए पानी ने असम के चार प्रमुख जिलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। सीएम हिमंत विश्व शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए आशंका जताई कि हालात को देखते हुए मृतकों का यह आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस आपदा के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर बातचीत कर पूरा आश्वासन दिया है कि एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल जल्द ही असम का दौरा करने पहुंचेगा।

शिवसागर जिला बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित

ASDMA द्वारा जारी विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसागर जिला इस भीषण बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां अकेले इस जिले में 3,92,195 लोग बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं। शिवसागर के बाद चराईदेव जिले में लगभग 1.10 लाख, जोरहाट में 97,690, गोलाघाट में 25,591 और डिब्रूगढ़ में 13,390 लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य भर से छह लोग, जिनमें तीन पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं, अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए आपदा मोचन बल और बचाव टीमें लगातार जुटी हुई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य भर में बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी तमाम सहायक नदियां उफान पर हैं तथा कई महत्वपूर्ण स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे तटबंधों पर भी भारी खतरा मंडरा रहा है।

प्रशासन द्वारा राहत शिविरों में भोजन और दवाइयों का वितरण

संकट की इस घड़ी में राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने में जुटे हुए हैं। सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए राहत शिविरों के माध्यम से बेघर हुए लोगों को सूखा राशन, पका हुआ भोजन, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराई जा रही हैं। सरकार और जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। हालांकि, लगातार जारी बारिश और जलभराव के कारण राहत एवं बचाव अभियानों में कई प्रकार की तकनीकी और मैदानी बाधाओं का सामना भी करना पड़ रहा है, जिससे हालात पर पूरी तरह काबू पाने में अभी कुछ और समय लग सकता है।

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