Assam Flood News: बाढ़ का कहर जारी, 21 नई मौतें; 5.64 लाख लोग प्रभावित

असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालिया अपडेट के अनुसार 21 नई मौतों के बाद स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और 5.64 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है। आखिर किन इलाकों में सबसे ज्यादा असर है, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 22, 2026

Assam Flood News:  असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में नदियां उफान पर हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही हजारों परिवार सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। राज्य प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है, जबकि प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

16 जिलों में 5.64 लाख से अधिक लोग प्रभावित

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य के 16 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। गोलाघाट, कामरूप, होजाई, डिब्रूगढ़, बिश्वनाथ, धेमाजी, सोनितपुर, उदालगुड़ी, नगांव, चराइदेव, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, तिनसुकिया, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और शिवसागर में कुल 5.64 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इससे पहले एक दिन पूर्व प्रभावित लोगों की संख्या करीब 3.63 लाख थी, जिससे स्पष्ट है कि स्थिति तेजी से बिगड़ी है।

शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला

बाढ़ का सबसे अधिक असर शिवसागर जिले में देखने को मिला है। यहां बड़ी संख्या में गांव जलमग्न हो चुके हैं और हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केवल शिवसागर जिले में लगभग 3.59 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, जोरहाट में करीब 87 हजार और चराइदेव में 72 हजार से अधिक लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।

मृतकों की संख्या बढ़ी, पूरे वर्ष का आंकड़ा 31 पहुंचा

ASDMA के अनुसार, बीते 24 घंटों में हुई 21 मौतों के बाद इस वर्ष असम में बाढ़ और उससे संबंधित घटनाओं में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 31 तक पहुंच गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा करेंगे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि वह बुधवार से बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

872 गांव जलमग्न, राहत शिविरों में हजारों लोग

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, राज्य के 44 राजस्व मंडलों के अंतर्गत आने वाले 872 गांव पूरी तरह या आंशिक रूप से जलमग्न हैं। प्रभावित लोगों की मदद के लिए फिलहाल 71 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 12,284 से अधिक विस्थापित लोगों को ठहराया गया है। इसके अलावा 202 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य जरूरी सामग्री का वितरण किया जा रहा है।

कुछ ही दिनों में तेजी से बिगड़े हालात

गौरतलब है कि महज दो दिन पहले तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या केवल पांच थी, लेकिन लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण हालात तेजी से बिगड़े हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों और राहत टीमों की मदद ली जा रही है।

बाढ़ के दौरान इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि बाढ़ के दौरान सबसे बड़ा खतरा डूबने, बिजली के करंट और जलजनित बीमारियों का होता है। ऐसे में लोगों को पहले से एक इमरजेंसी किट तैयार रखनी चाहिए, जिसमें पीने का पानी, सूखा भोजन, टॉर्च, बैटरी, मोबाइल चार्जर, आवश्यक दवाइयां, फर्स्ट एड किट, नकदी और जरूरी दस्तावेज शामिल हों। यदि घर निचले इलाके में है तो समय रहते सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर चले जाएं। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें, बिजली के खुले तारों से दूरी बनाए रखें और बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकें। परिवार के साथ पहले से सुरक्षित निकासी योजना तैयार करना भी किसी आपदा के समय बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

Read More : FIFA Controversy: इन्फेंटीनो के खिलाफ बढ़ा विरोध, La Liga प्रमुख ने खोला मोर्चा