Assam Flood News: असम में बाढ़ से 1.36 लाख लोग प्रभावित, शिवसागर में 3 की मौत, जुगाड़ से बचा रहे जान

असम में बाढ़ का कहर जारी है। 1.36 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और शिवसागर जिले में तीन लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में लोग नाव और स्थानीय जुगाड़ के सहारे सुरक्षित स्थानों तक पहुंच रहे हैं। आखिर हालात कितने गंभीर हैं और राहत अभियान कैसे चल रहा है? जानिए पूरी रिपोर्ट।

Assam Flood News

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 3, 2026

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Assam Flood News:  असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और धेमाजी जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। बाढ़ का पानी गांवों में फैलने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

335 गांव जलमग्न, लाखों लोग प्रभावित

राज्य आपदा प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 21 राजस्व मंडलों के अंतर्गत आने वाले 335 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इस प्राकृतिक आपदा से लगभग 1,36,203 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का पानी घरों, सड़कों और कृषि भूमि तक पहुंच चुका है, जिससे सामान्य जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई स्थानों पर संपर्क मार्ग बाधित होने के कारण राहत सामग्री पहुंचाने में भी प्रशासन को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों को भारी नुकसान, फसलें हुईं बर्बाद

बाढ़ का सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। धान सहित अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है और प्रभावित किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

शिवसागर में सबसे गंभीर हालात

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शिवसागर शामिल है। यहां बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल राज्य के किसी भी बड़े शहरी क्षेत्र में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति की सूचना नहीं मिली है।

राहत और पुनर्वास कार्यों का लिया गया जायजा

असम सरकार भी राहत कार्यों की लगातार निगरानी कर रही है। राज्य के मंत्री पीयूष हजारिका ने शिवसागर जिले के डेमो और नजीरा विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर राहत शिविरों और पुनर्वास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान की समीक्षा की और अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता शीघ्र पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि विभाग की ओर से किसानों के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी ली।

ग्रामीणों ने दिखाई साहस और एकजुटता

बाढ़ के बीच शिवसागर के नेपाली खूंटी क्षेत्र में ग्रामीणों ने मानवता और साहस की मिसाल पेश की। 19 जुलाई को अचानक बाढ़ का पानी गांवों में तेजी से भरने लगा, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बिना किसी देरी के अपने संसाधनों से बचाव अभियान शुरू किया। ग्रामीणों ने छह देशी नावों की मदद से आसपास के पांच गांवों के एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। इस सामूहिक प्रयास की स्थानीय प्रशासन ने भी सराहना की है।

छतों और पेड़ों पर शरण लेने को मजबूर लोग

बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि कई परिवारों को अपने घर छोड़ने का भी समय नहीं मिला। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए मकानों की छतों, ऊंचे मचानों और पेड़ों की शाखाओं पर शरण लेने को मजबूर हो गए। बचाव दल लगातार नावों के माध्यम से फंसे लोगों तक पहुंच रहे हैं और उन्हें सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।

राहत कोष में मिला उद्योग जगत का सहयोग

बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए विभिन्न संस्थाएं भी आगे आई हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) में योगदान देने वालों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गौतम अडानी ने राहत कोष में 11 करोड़ रुपये और रिलायंस फाउंडेशन ने 21 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सहयोग से राहत और पुनर्वास कार्यों को और मजबूती मिलेगी तथा प्रभावित परिवारों तक तेजी से मदद पहुंचाई जा सकेगी।

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