Assam Flood: बाढ़ से हालात गंभीर, मृतकों की संख्या 100 पहुंची; 7 जिलों में 1.4 लाख प्रभावित

असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है और मृतकों की संख्या 100 तक पहुंच गई है। सात जिलों में करीब 1.4 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। लगातार बिगड़ते हालात के बीच राहत और बचाव अभियान जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल है कि क्या आने वाले दिनों में स्थिति और खराब होगी?

Assam Flood

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 10, 2026

Assam Flood:  असम में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति सोमवार को भी गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में दो और लोगों की डूबने से मौत हुई है। इन दो मौतों के साथ राज्य में इस साल बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 100 हो गई है। वहीं, राज्य के सात जिलों में करीब 1.37 लाख लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं।

दो जिलों में दो लोगों की डूबने से मौत

ASDMA की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटे में गोलाघाट और कारबी आंगलोंग जिलों में एक-एक व्यक्ति की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हुई। लगातार बढ़ते जलस्तर और जलभराव के कारण प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

गोलाघाट में सबसे ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित

बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में गोलाघाट सबसे ऊपर है। यहां करीब 70 हजार लोग बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। इसके बाद शिवसागर में लगभग 40 हजार और जोरहाट में 16 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। इन इलाकों में कई गांवों और निचले क्षेत्रों में पानी भरने के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

456 गांव पानी में डूबे, फसलें भी बर्बाद

आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, राज्य में कुल 456 गांव इस समय बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ का असर खेती पर भी गंभीर रूप से पड़ा है। 11,933.46 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि और खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं। रायदेव, दररंग, गोलाघाट, जोरहाट, कारबी आंगलोंग, नौगांव और शिवसागर समेत कई जिलों में बाढ़ का व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है।

कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर

ASDMA अधिकारियों ने बताया कि असम की कई प्रमुख नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे आने वाले समय में नए इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन लगातार नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

धनसिरी और कुशियारा नदी का जलस्तर बढ़ा

ASDMA के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि गोलाघाट और नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी तथा श्रीभूमि में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गोलाघाट में धनसिरी नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों को नदी के किनारे नहीं जाने और किसी भी जोखिम से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

125 राहत शिविरों में हजारों लोगों ने ली शरण

बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन ने छह जिलों में 125 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। फिलहाल इन शिविरों में 49,061 लोग शरण लिए हुए हैं। राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

राहत और बचाव कार्यों पर प्रशासन की नजर

असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन राहत और बचाव अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित इलाकों में लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आने वाले दिनों में जलस्तर और मौसम की स्थिति पर स्थिति की गंभीरता निर्भर करेगी।

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