Assam Election Results : असम चुनाव में कांग्रेस की करारी हार, गौरव गोगोई ने ली नैतिक जिम्मेदारी

असम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस की उम्मीदें धराशायी हो गई हैं। पार्टी के मुख्य चेहरा रहे गौरव गोगोई ने हार को स्वीकार करते हुए इसकी पूरी नैतिक जिम्मेदारी ली है। इस हार के बाद असम कांग्रेस में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। क्या यह गोगोई का इस्तीफा है?

Assam Election Results

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 5, 2026

Assam Election Results : असम विधानसभा चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस पार्टी को गहरे आत्ममंथन में डाल दिया है। राज्य में मिली अप्रत्याशित हार के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक जिम्मेदारी तय करने का सिलसिला शुरू हो गया है। बीते दिन असम के प्रभारी महासचिव और वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह ने हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस कदम ने प्रदेश नेतृत्व पर भी दबाव बना दिया था। कांग्रेस आलाकमान अब इस बात की समीक्षा कर रहा है कि आखिर किन कारणों से पार्टी मतदाताओं को रिझाने में विफल रही और जमीनी स्तर पर रणनीतियां क्यों कारगर साबित नहीं हुईं।

गौरव गोगोई की प्रेस कॉन्फ्रेंस: “कप्तान होने के नाते हार मेरी जिम्मेदारी”

पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव और हार की समीक्षा के बीच, असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। गोगोई ने बेहद गरिमापूर्ण तरीके से अपनी विफलता स्वीकार करते हुए खुद को ‘टीम का कप्तान’ बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एक नेता के तौर पर वे इस हार की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे शीर्ष नेताओं का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उन पर विश्वास जताया। गोगोई का यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश देने की कोशिश है कि नेतृत्व संकट के समय पीछे नहीं हटेगा।

जनता के जनादेश का सम्मान: उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे नतीजे

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौरव गोगोई ने स्वीकार किया कि चुनाव पूर्व पार्टी ने जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, नतीजे उनके आसपास भी नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं मिलीं, लेकिन हम जनता के बहुमत का सम्मान करते हैं।” गोगोई ने उन मतदाताओं का विशेष रूप से शुक्रिया अदा किया जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन जनता का विश्वास जीतना सबसे महत्वपूर्ण है, जिसमें इस बार कुछ कमी रह गई।

भविष्य की रणनीति: “उन लोगों तक पहुंचेंगे जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया”

हार को स्वीकार करने के साथ ही गौरव गोगोई ने पार्टी के भविष्य के रोडमैप का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल अपनी हार पर शोक नहीं मनाएगी, बल्कि उन कारणों को तलाशेगी जिनकी वजह से लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिया। गोगोई ने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस राज्य के उन क्षेत्रों और समुदायों तक अपनी पहुंच बढ़ाएगी जहाँ भाजपा और अन्य दलों का वर्चस्व रहा है। पार्टी अब अपनी रणनीतियों में बदलाव कर उन मतदाताओं का दिल जीतने की कोशिश करेगी जो वर्तमान में कांग्रेस की विचारधारा से दूर नजर आ रहे हैं।

सशक्त विपक्ष की भूमिका: विधानसभा के भीतर और बाहर संघर्ष का वादा

भले ही कांग्रेस सत्ता से दूर रह गई हो, लेकिन गौरव गोगोई ने असम के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाएगी। उन्होंने वादा किया कि पार्टी विधानसभा के भीतर रचनात्मक सुझाव देगी और बाहर आम जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। गोगोई ने कहा, “हम हमेशा असम के आम लोगों के साथ खड़े रहेंगे और राज्य के विकास के लिए सरकार को जवाबदेह बनाएंगे।” उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि हमने एक ‘नई कांग्रेस’ देखी है जो चुनौतियों से डरकर भागती नहीं है।

जमीनी कार्यकर्ताओं का आभार: मुश्किल वक्त में भी साथ खड़ा रहा संगठन

अपने संबोधन के अंत में गौरव गोगोई काफी भावुक नजर आए। उन्होंने जमीनी स्तर के उन कार्यकर्ताओं की जमकर प्रशंसा की जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों, संसाधनों की कमी और राजनीतिक दबाव के बावजूद पार्टी का झंडा बुलंद रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की असली ताकत ये कार्यकर्ता ही हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के पार्टी की विचारधारा के लिए लड़ते हैं। गोगोई ने विश्वास जताया कि कार्यकर्ताओं की इसी ऊर्जा और समर्पण के बल पर असम में कांग्रेस एक बार फिर मजबूती से वापसी करेगी और जनता का खोया हुआ विश्वास पुनः प्राप्त करेगी।

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