Assam Election 2026: असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की स्थिति अब पहले जैसी सहज नहीं मानी जा रही है। जिस राज्य में कभी बीजेपी के पक्ष में माहौल मजबूत नजर आता था, वहां अब सामाजिक और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। मुस्लिम मतदाता एकजुट होते दिख रहे हैं और राज्य के विभिन्न वर्गों में सरकार के प्रति असंतोष भी सामने आ रहा है। इन हालातों ने सत्तारूढ़ दल की चिंता बढ़ा दी है।
Assam Election 2026: हिमंत बिस्वा सरमा की ‘चैरिटी पॉलिटिक्स’ की शुरुआत
राजनीतिक माहौल को भांपते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, जिन्हें बीजेपी का नॉर्थ-ईस्ट रणनीतिकार माना जाता है, अब कथित तौर पर ‘चैरिटी पॉलिटिक्स’ के जरिए जनता को साधने की कोशिश में जुट गए हैं। चुनाव से ठीक पहले सरकार ने पुरुषों, महिलाओं और छात्रों के लिए कई आर्थिक सहायता योजनाओं का ऐलान किया है, जिन्हें वोटरों को लुभाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
Assam Election 2026: पहले से चल रही सहायता योजनाओं का विस्तार
असम में पहले से ही आदिवासी समुदायों, चाय बागान मजदूरों और महिलाओं के लिए विभिन्न सहायता योजनाएं लागू हैं। इस बार सरकार ने इन योजनाओं के दायरे को और बढ़ाते हुए पुरुषों और छात्रों के लिए भी अलग आर्थिक मदद की घोषणा की है। इसे राज्य की चुनावी राजनीति में एक अहम कदम माना जा रहा है।
‘बाबू अचानी’ योजना से छात्रों को मासिक अलाउंस
साल के पहले दिन असम सरकार ने ‘बाबू अचानी’ योजना की घोषणा की। इसके तहत पोस्टग्रेजुएट छात्रों को हर महीने 2,000 रुपये और ग्रेजुएट छात्रों को 1,000 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। यह राशि 1 फरवरी से मिलनी शुरू होगी। हालांकि, इस योजना का लाभ सभी छात्रों को नहीं मिलेगा।
आय और सरकारी नौकरी वालों को बाहर रखा गया
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों के माता-पिता सरकारी नौकरी में हैं या जिनके परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से अधिक है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। असम में पहले से ही छात्राओं के लिए ऐसी योजनाएं लागू हैं, और मुख्यमंत्री ने पहले संकेत दिया था कि जल्द ही छात्रों के लिए भी ऐसी स्कीम लाई जाएगी। सोशल मीडिया पर हिमंत सरमा ने लिखा, “मैंने अपने भाइयों से जो वादा किया था, उसे पूरा कर दिया है।”
महिलाओं के लिए अरुणोदय योजना में बड़ा तोहफा
छात्रों के अलावा महिलाओं के लिए भी सरकार ने चुनाव से पहले अतिरिक्त लाभ का ऐलान किया है। अरुणोदय योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाले 1,000 रुपये मासिक अलाउंस को जनवरी से अप्रैल तक एक साथ फरवरी महीने में दिया जाएगा। यह भुगतान बिहू पर्व के मौके पर किया जाएगा।
बिहू पर मिलेगा अतिरिक्त नकद उपहार
इसके साथ ही सरकार ने महिलाओं को 3,000 रुपये का अतिरिक्त ‘बोहाग बिहू’ गिफ्ट देने की घोषणा की है। राज्य की 37 लाख से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसका मतलब यह है कि चुनाव से पहले महिलाओं को एकमुश्त करीब 8,000 रुपये मिलेंगे, जिसे बड़ा चुनावी दांव माना जा रहा है।
विपक्ष का आरोप: वोट खरीदने की कोशिश
वहीं विपक्षी दलों ने इन घोषणाओं पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि राज्य में रोजगार के अवसर कम हैं, महिलाओं की सुरक्षा और स्थायी आय के साधन नहीं हैं। ऐसे में सरकार भत्तों और नकद सहायता के जरिए असली मुद्दों से ध्यान भटकाकर वोट हासिल करने की कोशिश कर रही है। चुनाव नजदीक आते ही यह मुद्दा असम की राजनीति में और गर्माने की संभावना है।
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