Assam Budget 2026: असम में बहुविवाह पर सख्ती, सरकारी कर्मचारी दोषी मिले तो जा सकती है नौकरी

Assam Budget 2026: असम सरकार ने बहुविवाह को लेकर ऐसा बड़ा फैसला लिया है, जिससे सरकारी कर्मचारियों और लाखों लाभार्थियों पर सीधा असर पड़ सकता है। अब सिर्फ योजनाओं का लाभ ही नहीं रुकेगा, बल्कि दोषी पाए जाने पर सरकारी नौकरी भी जा सकती है। जानिए नए नियमों की पूरी जानकारी।

सरकारी कर्मचारी दोषी मिले तो जा सकती है नौकरी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 10, 2026

Assam Budget 2026: असम सरकार ने बहुविवाह को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राज्य के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ के शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए इस संबंध में महत्वपूर्ण घोषणा की। बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर खास जोर दिया गया है। इसी दौरान सरकार ने साफ किया कि बहुविवाह करने वालों को राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

सरकारी नौकरी पर भी खतरा

बताते चलें कि, सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उस सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है। इसके लिए असम सेवा यानी अनुशासन एवं अपील नियम, 1964 में संशोधन का प्रस्ताव दिया गया है। इस बदलाव के बाद कानून के तहत दोषी पाए गए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो जाएगा।

महिलाओं के अधिकारों पर जोर

विधानसभा में अपना पहला बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचना ही जरूरी नहीं है, बल्कि इनके जरिए समाज में ईमानदारी, नैतिकता और समावेशी सोच को भी बढ़ावा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुविवाह पर रोक लगाने का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तीकरण और लैंगिक न्याय को मजबूत करना है।

योजनाओं से वंचित होंगे बहुविवाह करने वाले

सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, जो भी पुरुष बहुविवाह करता है, वह राज्य सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना का पात्र नहीं होगा। यानी ऐसे लोगों को सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता या अन्य सुविधाओं से बाहर रखा जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

आपराधिक मामलों में दोषी लोगों पर भी रोक

वित्त मंत्री ने यह भी प्रस्ताव रखा कि किसी भी आपराधिक कानून के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को भी अधिसूचित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि कल्याणकारी योजनाएं उन्हीं लोगों तक पहुंचनी चाहिए जो समाज के प्रति जिम्मेदार आचरण रखते हैं।

अगस्त से फिर शुरू होंगी योजनाएं

बरुआ ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमित बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण कई कल्याणकारी योजनाओं के संचालन पर असर पड़ा था। अब सरकार अगस्त से इन योजनाओं को दोबारा शुरू करेगी। इसके लिए अलग-अलग मदों में 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

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डिजिटल प्रणाली से होगा लाभार्थियों का चयन

सरकार सभी लाभार्थी-केंद्रित योजनाओं को एकीकृत डिजिटल लाभार्थी प्रणाली के जरिए लागू करेगी। यह व्यवस्था प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के डिजिटल ढांचे के तहत विकसित की गई है। इसमें आधार आधारित प्रमाणीकरण भी शामिल होगा, ताकि योजनाओं का लाभ सही और पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।