Asian Games 2026: केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने 5 मार्च, 2026 को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) हेडक्वार्टर में एक हाई-लेवल बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की तैयारियों का रिव्यू करना था। बैठक में युवा मामलों और खेल मंत्रालय, SAI और अन्य स्टेकहोल्डर्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिन्होंने मंत्री को गेम्स से पहले देश की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
एथलीट्स को मिलेगा पूरा सपोर्ट
बैठक में एथलीट्स के प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स, मेडिकल सपोर्ट, किट और फूड सपोर्ट जैसे सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। मंत्री मंडाविया ने एथलीट वेलफेयर को प्राथमिकता बताया और कहा कि “हमारे एथलीट हमारी टॉप प्रायोरिटी हैं। उन्हें किसी भी तरह की रुकावट के बिना तैयारी करने और गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। हमारा मकसद है कि वे पूरी तरह से अपने कॉम्पिटिशन और मेडल टैली पर ध्यान केंद्रित कर सकें।”
बैठक में 15 सदस्यों की कमेटी ने एशियन गेम्स के लिए रणनीतिक रोडमैप की समीक्षा की। इसमें हरि रंजन राव (सेक्रेटरी, युवा मामले और खेल मंत्रालय), पीटी उषा (प्रेसिडेंट, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन), सहदेव यादव (शेफ डी मिशन) और शरत कमल (डिप्टी शेफ डी मिशन) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। दिसंबर 2025 से अब तक कमेटी ने चार बैठकें कर ट्रेनिंग, लॉजिस्टिक्स, एथलीट वेलफेयर और प्रतिस्पर्धा की तैयारी की योजना सुनिश्चित की है।
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तकनीकी और लॉजिस्टिक्स तैयारी

हर नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) ने AG टेक्निकल हैंडबुक के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त किए हैं। ये अधिकारी अपने संबंधित खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ को तकनीकी विवरण समझाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सभी को गेम्स में सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए पर्याप्त जानकारी मिले। टीमों का चयन समय से पहले कर दिया जाएगा ताकि एथलीट पूरी तरह से फोकस्ड तैयारी कर सकें। मेडिकल टीम और सपोर्ट स्टाफ की क्षमता बढ़ाई जा रही है। साथ ही, लॉजिस्टिक फैसिलिटेशन के लिए विदेशों में भारतीय एम्बेसी के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।
कॉम्पिटिशन और क्लस्टर मॉडल
एशियन गेम्स 2026 में पांच-क्लस्टर मॉडल अपनाया जाएगा, जहां एथलीट विभिन्न प्रीफेक्चर में मुकाबला करेंगे। ऐची, गिफू, शिज़ुओका और एयरपोर्ट-एक्सपो ज़ोन जैसे क्लस्टर्स में खेल आयोजित होंगे। इसके लिए ट्रैवल, मेडिकल सपोर्ट और एथलीट रिकवरी की विस्तृत योजना बनाई गई है। पटियाला और बेंगलुरु के SAI रीजनल सेंटर्स में मेकशिफ्ट कंटेनर यूनिट्स लगाई जाएंगी ताकि एथलीट गेम्स की रहने की व्यवस्था के लिए पहले से तैयार हो सकें। जनवरी में IOA डेलीगेशन की चार-दिन की विज़िट के दौरान कॉम्पिटिशन स्थल और सुविधाओं का निरीक्षण किया गया, जिसके आधार पर क्लस्टर के हिसाब से सपोर्ट सिस्टम तैयार किया गया।
तैयारी के अन्य पहलू
एथलीट वेलफेयर को सुनिश्चित करने के लिए हेड मेडिकल डॉक्टर नियुक्त करना, इंडियन कुकिंग स्टाफ की मदद से भारतीय खाने के विकल्प तय करना और खिलाड़ियों को उनकी ऑफिशियल किट समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्रालय का लक्ष्य 2022 के हांग्जो एशियन गेम्स में हासिल किए गए 106 मेडल के रिकॉर्ड को पार करना है। 2026 में 700 से अधिक भारतीय एथलीट 40 से अधिक स्पोर्ट्स डिसिप्लिन में प्रतिस्पर्धा करेंगे।









