Asha Bhosle Funeral: भारतीय संगीत जगत की महान पार्श्व गायिका Asha Bhosle का अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। 13 अप्रैल को उन्हें पंचतत्व में विलीन किया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। अंतिम यात्रा के दौरान “आशा भोसले अमर रहें” के नारों से पूरा माहौल भावुक हो गया। उन्हें तिरंगे में लपेटकर सरकारी सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
आशा भोसले के निधन से संगीत जगत शोक में, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
बेटे ने दी मुखाग्नि, सेलेब्स ने दी श्रद्धांजलि
उनके बेटे आनंद भोसले ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी कीं। इस दौरान कई फिल्मी हस्तियां और संगीत जगत के बड़े नाम उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। गायक शान और अनूप जलोटा ने भी अपनी प्रस्तुति देकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम विदाई के दौरान पूरा माहौल भावुक हो गया।
अस्पताल में भर्ती और निधन की वजह
आशा भोसले को 11 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें चेस्ट इंफेक्शन की शिकायत थी। हालांकि बाद में उनकी स्थिति बिगड़ती गई और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर फैल गई और संगीत जगत ने एक अनमोल आवाज को खो दिया।
अंतिम दर्शन में उमड़ा फिल्मी जगत

उनके अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित कासा ग्रांडे आवास पर पार्थिव शरीर रखा गया था, जहां आम लोगों के साथ-साथ कई दिग्गज सितारे भी पहुंचे। इस दौरान Aamir Khan, Vicky Kaushal, रणवीर सिंह, तब्बू, राकेश रोशन, जॉनी लीवर, शरद कपूर, हेलेन, उदित नारायण, अनुराधा पौडवाल, रितेश देशमुख और कई अन्य हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी।
भावुक हुआ परिवार, पोती का रो-रोकर बुरा हाल
अंतिम दर्शन के दौरान परिवार बेहद भावुक नजर आया। उनकी पोती जनाई भोसले का रो-रोकर बुरा हाल था। वहां मौजूद सेलेब्स ने उन्हें ढांढस बंधाया और संभालने की कोशिश की।
संगीत जगत की अमर आवाज

8 सितंबर 1933 को जन्मी आशा भोसले ने बहुत कम उम्र में संगीत की दुनिया में कदम रखा था। अपनी सुरीली और बहुमुखी आवाज से उन्होंने भारतीय सिनेमा को कई यादगार गीत दिए। उनके प्रसिद्ध गीतों में “पिया तू अब तो आजा”, “दम मारो दम”, “ये मेरा दिल”, “चुरा लिया है तुमने” और “इन आंखों की मस्ती के” जैसे सदाबहार गाने शामिल हैं, जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।
एक युग का अंत
आशा भोसले का जाना भारतीय संगीत के एक सुनहरे युग का अंत माना जा रहा है। उनकी आवाज और योगदान हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में अमर रहेगा।









