Asaduddin Owaisi: महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीति में लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में 15 जनवरी को होने वाले चुनावों के मद्देनजर छत्रपति संभाजीनगर में एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनावी बिगुल फूंका और भाजपा-आरएसएस पर तीखी टिप्पणियां की। उन्होंने संघ संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के इतिहास और उनके जेल जाने के दावों पर सवाल उठाए।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हेडगेवार ब्रिटिश शासन के खिलाफ नहीं बल्कि खिलाफत आंदोलन का समर्थन करने के कारण जेल गए थे। उन्होंने सीधे सवाल किया, “ऐसा कौन सा RSS नेता था जिसे अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए जेल जाना पड़ा?”
Asaduddin Owaisi: ‘हिजाब वाली PM’ वाले बयान पर मचा बवाल, नितेश राणे और ओवैसी में छिड़ी जुबानी जंग
ओवैसी ने कसा तंज
ओवैसी ने भाजपा द्वारा बार-बार उठाए जा रहे ‘बांग्लादेशी नागरिक’ के मुद्दे पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी इलाके में बांग्लादेशी नागरिक मौजूद हैं, तो यह सीधे तौर पर मोदी सरकार और उसकी एजेंसियों की विफलता का प्रमाण है। ओवैसी ने सीमा सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए बताया कि पुलिस, खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा नियंत्रण होने के बावजूद 10 किलोमीटर की बाड़ का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। उनके अनुसार, जब पड़ोसी देशों में चीन और ISI जैसे तत्व सक्रिय हैं, तब भाजपा और RSS केवल ‘बांग्लादेशी-बांग्लादेशी’ की राजनीति करके लोगों का ध्यान भटका रहे हैं।
प्रशासनिक नाकामियों से ध्यान भटकाने का आरोप
ओवैसी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी हिंदुत्व एजेंडे को लागू करने और अपनी प्रशासनिक विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए भावनात्मक मुद्दे उठाती है। उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानी जैसे यूसुफ मेहर अली जिन्होंने ‘भारत छोड़ो’ और ‘साइमन वापस जाओ’ जैसे नारे दिए, उन्हें भुला दिया गया है। उनका कहना था कि वास्तविक स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नजरअंदाज कर केवल राजनीति की जा रही है।
Asaduddin Owaisi: ‘8 बच्चे पैदा करो, किसने रोका है?’, नवनीत राणा की सलाह पर ओवैसी का पलटवार
राजनीतिक बयानबाजी का सियासी माहौल पर असर
ओवैसी के बयान ने महाराष्ट्र के चुनावी माहौल में नई हलचल पैदा कर दी है। उनका हमला केवल RSS और भाजपा पर नहीं बल्कि सरकारी नीतियों और प्रशासनिक विफलताओं पर भी केंद्रित रहा। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि ओवैसी ने अपने बयान से मतदाताओं का ध्यान स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों और सुरक्षा खतरों की ओर खींचने की कोशिश की है।










