Asaduddin Owaisi: ओवैसी का मोदी सरकार पर तीखा हमला, पुलिस कार्रवाई को बताया गलत

संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर असदुद्दीन ओवैसी ने ऐसा बयान दिया जिसने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया। आखिर उन्होंने किस पुराने घटनाक्रम का जिक्र किया, सरकार पर कौन से गंभीर सवाल उठाए और क्यों कहा कि जो हुआ वह गलत था? पूरी खबर पढ़िए।

ओवैसी का मोदी सरकार पर तीखा हमला

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 21, 2026

Asaduddin Owaisi: संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इस घटनाक्रम पर अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे बेहद चिंताजनक बताया।

मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी ने कहा कि संसद मार्च के दौरान जो घटनाएं सामने आईं, वे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छी नहीं हैं। उनका कहना था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिन पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो

संसद मार्च के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा लाठीचार्ज जैसे दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इन्हीं वीडियो को आधार बनाकर विपक्षी दल लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं और कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और ऐसे मामलों में प्रशासन को संयम के साथ काम करना चाहिए।

सीएए विरोध प्रदर्शन का किया जिक्र

अपने बयान के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ हुए आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय हुई घटनाओं को भी देश नहीं भूला है। उनका आरोप था कि उस दौरान भी प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय की घटनाओं से जुड़े वीडियो और तथ्य एक बार फिर लोगों के सामने आने चाहिए, ताकि यह समझा जा सके कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान किस तरह की परिस्थितियां बनी थीं।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की घटना का भी उठाया मुद्दा

ओवैसी ने अपने बयान में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हुई थी। उनके अनुसार उस दौरान लाइब्रेरी और कैंटीन तक में छात्रों के साथ मारपीट की गई थी।

उन्होंने दावा किया कि उस घटना में कई छात्र घायल हुए थे और एक छात्र की आंख की रोशनी तक चली गई थी। ओवैसी ने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

सरकार की बातचीत के समय पर भी उठाए सवाल

ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों से की गई मुलाकात पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि विरोध प्रदर्शन कई सप्ताह से जारी था, तो सरकार ने पहले पहल क्यों नहीं की। उनका कहना था कि सरकार को शुरू से ही छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए था। यदि समय रहते बातचीत होती तो शायद तनाव की स्थिति पैदा नहीं होती।

प्रबंधन पर जताई नाराजगी

ओवैसी ने पूरे घटनाक्रम को प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि हालात को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन पहले से संवाद की प्रक्रिया अपनाते, तो टकराव की नौबत नहीं आती। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो देखकर कोई भी व्यक्ति समझ सकता है कि घटनास्थल पर हालात कितने तनावपूर्ण थे।

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चंद्रशेखर से मुलाकात का भी किया उल्लेख

एआईएमआईएम प्रमुख ने बताया कि उन्होंने सांसद चंद्रशेखर आजाद से भी मुलाकात की, जो प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में धरना स्थल पर मौजूद थे। ओवैसी ने कहा कि उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और छात्रों की चिंताओं को भी समझने का प्रयास किया।

फिलहाल संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।