Asaduddin Owaisi: संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार (20 जुलाई) को हुई इस घटना को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लाठीचार्ज के वीडियो का हवाला देते हुए ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संसद मार्च के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से गलत था।
सरकार को अतीत का आईना दिखाते हुए ओवैसी ने इस घटना की तुलना पुराने आंदोलनों से कर दी। उन्होंने कहा कि इसी तरह की अव्यवस्था और पुलिसिया बर्बरता लाल किले पर किसानों के प्रदर्शन के दौरान भी देखने को मिली थी। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) विरोधी प्रदर्शनों की याद दिलाते हुए कहा कि शायद लोग उन घटनाओं को भूल रहे हैं, लेकिन उन वीडियो को जनता के सामने फिर से लाया जाना चाहिए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के भीतर घुसकर पुलिस ने लाइब्रेरी और कैंटीन में पढ़ाई कर रहे छात्रों को बेरहमी से पीटा था, जिसके कारण एक छात्र की आंख की रोशनी तक चली गई थी।
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जेपी नड्डा की बैठक पर उठाए सवाल
असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को भाजपा (भ्रष्ट नाम हटाकर मूल संगठन संदर्भ में) के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की बैठक पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि जब यह विरोध प्रदर्शन पिछले कई हफ्तों से शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, तो सरकार ने ऐन वक्त पर, यानी मार्च के दिन ही बातचीत करने की जहमत क्यों उठाई? प्रशासन को बहुत पहले ही प्रदर्शनकारी छात्रों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए था।
ओवैसी ने साफ तौर पर कहा कि पूरी घटना के दौरान प्रशासनिक स्तर पर भारी कुप्रबंधन (मिसमैनेजमेंट) देखने को मिला। उन्होंने कहा कि कल शाम की घटना के जो वीडियो सामने आए हैं, उन्हें कोई भी समझदार और संवेदनशील इंसान देखकर आसानी से समझ सकता है कि किस तरह निहत्थे प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की गई है।
चंद्रशेखर आज़ाद के धरने को दिया समर्थन, विपक्ष एकजुट
सांसद ओवैसी ने यह भी जानकारी दी कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए मौके पर गए थे। उन्होंने वहां छात्रों के साथ धरने पर बैठे सांसद चंद्रशेखर आज़ाद से भी मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया।
संसद मार्च के दौरान हुए इस पथराव और लाठीचार्ज के बाद से ही पूरा विपक्ष लामबंद नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो को आधार बनाकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं, जबकि ओवैसी ने इसे सरकार की दमनकारी नीति और प्रशासनिक विफलता का एक और उदाहरण करार दिया है।
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