Asaduddin Owaisi: ‘जो चाचा के नहीं हुए, वो जनता के क्या होंगे?’ नांदेड़ में अजित पवार पर बरसे ओवैसी

नांदेड़ में एक चुनावी जनसभा के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और भाजपा नेता अशोक चव्हाण पर तीखा हमला बोला। ओवैसी ने पवार की निष्ठा और उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवाल उठाते हुए भेदभाव का मुद्दा उठाया, साथ ही अशोक चव्हाण को 'आदर्श घोटाले' की याद दिलाई।

Asaduddin Owaisi

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 6, 2026

Asaduddin Owaisi: महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की सरगर्मी के बीच एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नांदेड़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। ओवैसी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री अजित पवार और भाजपा नेता अशोक चव्हाण को अपने निशाने पर रखा, जिससे जिले का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

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अजित पवार की विश्वसनीयता पर सवाल

बताते चले कि, भाषण की शुरुआत में ओवैसी ने सीधे तौर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राजनीतिक निष्ठा पर प्रहार किया। शरद पवार के साथ हुए विद्रोह का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि जिसने अजित पवार को पाला-पोसा और राजनीति के शिखर तक पहुंचाया, उन्होंने उन्हीं के साथ विश्वासघात किया। ओवैसी ने जनता से सवाल किया कि जो व्यक्ति अपने सगे चाचा का सगा नहीं हो सका, वह नांदेड़ की आम जनता के हितों की रक्षा कैसे करेगा? उन्होंने इसे अजित पवार की असली राजनीतिक पहचान करार दिया।

भ्रष्टाचार के आरोपों और भेदभाव पर निशाना

आपको बता दे कि, ओवैसी ने अजित पवार पर लगे पुराने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने 75 हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि अजित पवार आज खुलेआम घूम रहे हैं क्योंकि उनके नाम के साथ एक खास पहचान जुड़ी है। ओवैसी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा, “अगर अजित पवार की जगह कोई मुसलमान नाम का व्यक्ति होता, तो वह आज 75 साल के लिए जेल की सलाखों के पीछे होता।” उन्होंने इसे सत्ता के संरक्षण और सांप्रदायिक आधार पर होने वाले भेदभाव का उदाहरण बताया।

‘आदर्श स्कैम’ और ‘मंत्री पद’ का जिक्र

नांदेड़ के कद्दावर नेता और अशोक चव्हाण को घेरते हुए ओवैसी ने उनकी वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बावजूद पीएम मोदी ने चव्हाण को एक राज्यमंत्री तक का पद नहीं दिया, जबकि वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके थे। ओवैसी ने तंज कसते हुए याद दिलाया कि चव्हाण को मुख्यमंत्री पद से ‘आदर्श घोटाले’ के चलते इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने चेतावनी दी कि नांदेड़ की जागरूक जनता उनके इस दोहरे खेल को समझ चुकी है और आगामी 15 जनवरी को चुनाव परिणाम उन्हें करारा जवाब देंगे।

मजलिस का उदय और बाल ठाकरे की चुनौती

अपने संबोधन के अंत में ओवैसी ने नांदेड़ के साथ अपनी पार्टी के पुराने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने बताया कि जब अशोक चव्हाण मुख्यमंत्री थे, तब नांदेड़ से ही AIMIM के 13 पार्षदों ने जीत दर्ज कर महाराष्ट्र में पार्टी की नींव रखी थी। ओवैसी ने उस दौर को याद किया जब बाल ठाकरे ने पूछा था कि “यह ओवैसी कौन है?” इसका जवाब देते हुए ओवैसी ने गर्व से कहा कि मजलिस ने नांदेड़ से शुरू होकर मुंबई तक का सफर तय किया है और यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है।

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