Sonam Wangchuk News: सोनम वांगचुक के अनशन पर केजरीवाल का बड़ा दावा ‘धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ, वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाओ’

अरविंद केजरीवाल ने सोनम वांगचुक के आंदोलन को समर्थन देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं को देश के लिए खतरनाक बताया और 20 जुलाई को बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया।

Sonam Wangchuk News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 16, 2026

Sonam Wangchuk News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख के पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन आज भी जारी है। आज इस आंदोलन को तब एक बड़ी राजनीतिक शक्ति मिली जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल उनसे मिलने पहुंचे। केजरीवाल ने वांगचुक के संघर्ष को नमन करते हुए कहा कि जो व्यक्ति देश के भविष्य और शिक्षा के लिए इतना बड़ा त्याग कर रहा है, उसे ही शिक्षा मंत्री की कमान सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने वर्तमान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार को वांगचुक की बात मान लेनी चाहिए, अन्यथा इसका खामियाजा उन्हें 2029 के चुनावों में भुगतना पड़ेगा।

2011 का अन्ना आंदोलन बनाम 2026 का वांगचुक सत्याग्रह

बताते चले कि, अरविंद केजरीवाल ने इस आंदोलन की तुलना 2011 के ऐतिहासिक अन्ना हजारे आंदोलन से की। उन्होंने कहा कि उस समय भी तत्कालीन सरकार अहंकार में डूबी थी और तीन साल बाद सत्ता से बाहर हो गई। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “मैं इस सरकार को आगाह करता हूं कि सोनम वांगचुक की बात सुन लो, वरना सत्ता का अहंकार आपको भी ले डूबेगा।” उन्होंने आगे कहा कि जो टीचर पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, सरकार उन्हें गिरफ्तार कर रही है, जो कि अत्यंत निंदनीय है।

पेपर लीक का चक्र और युवा आत्महत्याओं पर गहरी चिंता

केजरीवाल ने देश में व्याप्त पेपर लीक की समस्या पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “नीट पेपर लीक का मास्टरमाइंड बाहर घूम रहा है, उसे बेल मिल जाती है, लेकिन छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हैं। 20 से ज्यादा बच्चों ने अपनी जान दी, फिर भी सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।” उन्होंने कहा कि आज के दौर में पेपर लीक, कमेटी का गठन, एफआईआर और बेल मिलना एक अंतहीन चक्र बन चुका है। इससे देश के छात्रों का आत्मविश्वास लड़खड़ा गया है, जो राष्ट्र के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक है।

20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ का आह्वान

अपनी बातों को समाप्त करते हुए केजरीवाल ने कहा कि इस सड़े-गले शिक्षा तंत्र को बदलना ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने देश के कोने-कोने से लोगों से अपील की कि वे सोनम वांगचुक के समर्थन में 20 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुँचें। केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन नहीं होगा और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह नहीं बनाया जाएगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।