Bengal Election 2026 : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल इन दिनों पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में ममता बनर्जी का कंधा मजबूत करने पहुँचे हैं। अपनी पार्टी में हुई हालिया उथल-पुथल के बाद पहली बार किसी बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने इस चुनाव को महज सत्ता का संघर्ष नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की एक निर्णायक जंग करार दिया।
बंगाल की अस्मिता और संस्कृति पर सीधा हमला
केजरीवाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव बंगाल की महान संस्कृति और बंगाली अस्मिता की रक्षा का चुनाव है। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर बंगाल में इतनी भारी संख्या में सेना और केंद्रीय बलों को क्यों तैनात किया गया है? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “क्या बंगाल में आतंकवादी रहते हैं? यहाँ के लोग भी उतने ही भारतीय हैं जितने देश के अन्य हिस्सों के।” उन्होंने जनता को याद दिलाया कि आजादी की लड़ाई में सबसे ज्यादा बलिदान बंगाल के पूर्वजों ने दिया था, और आज फिर से उसी आजादी को बचाने की जिम्मेदारी यहाँ की जनता के कंधों पर है।
वोटर लिस्ट में हेराफेरी को बताया बड़ा षड्यंत्र
अपने भाषण के दौरान केजरीवाल ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में विरोधियों ने एक गहरा षड्यंत्र रचा है। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट से लगभग 27 लाख लोगों के नाम काट दिए गए हैं। केजरीवाल ने कहा, “इतनी संख्या तो कई देशों की कुल जनसंख्या के बराबर होती है। अगर आपका वोट ही नहीं रहेगा, तो आप देश के नागरिक कैसे कहलाएंगे?” उन्होंने आशंका जताई कि आज वोट काटे गए हैं, कल शायद आपके अन्य अधिकार भी छीन लिए जाएं। उन्होंने परिवारों का उदाहरण देते हुए कहा कि माता-पिता का नाम लिस्ट में है, लेकिन बेटों का नाम गायब कर दिया गया है।
27 लाख प्रभावितों से की विशेष अपील
वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने जनता को एकजुट होने का आह्वान किया। केजरीवाल ने कहा कि जिन 27 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं, वे निराश होने के बजाय कसम खाएं कि वे घर-घर जाकर ममता दीदी के लिए प्रचार करेंगे और वोट मांगेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों से बाहरी लोगों को लाकर यहाँ फर्जी वोट बनवाए जा रहे हैं ताकि चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया जा सके। केजरीवाल ने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताया।
एक अकेली महिला के पीछे पड़ी पूरी मशीनरी
केजरीवाल ने भावुक होते हुए कहा कि वे पहली बार बंगाल आए हैं क्योंकि उन्हें लगा कि इस कठिन घड़ी में उन्हें अपनी ‘दीदी’ के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब भविष्य में आजादी बचाने का इतिहास लिखा जाएगा, तो उसमें दर्ज होगा कि केजरीवाल इस लड़ाई में बंगाल आया था।” उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पूरी केंद्र सरकार और उनकी मशीनरी एक अकेली महिला (ममता बनर्जी) के पीछे पड़ी है, लेकिन वे फिर भी जीतेंगी क्योंकि उनके साथ काली माई का आशीर्वाद और जनता का प्यार है।
दिल्ली का उदाहरण देकर केंद्र को घेरा
अपने संबोधन के अंत में केजरीवाल ने दिल्ली की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक साल पहले दिल्ली की सरकार पर हमला किया गया और उन पर फर्जी केस लादे गए। उन्होंने दावा किया कि अब अदालत ने भी उन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उन्हें जेल में डालकर दिल्ली की सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश की गई ताकि वहां की जनता को मिल रही मुफ्त बिजली और अन्य सुविधाएं बंद की जा सकें। उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि वे और उनकी पूरी पार्टी इस लड़ाई में ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़ी है।
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