Arvind Kejriwal News: देशभर में E20 पेट्रोल (एथेनॉल मिश्रित ईंधन) को लेकर मचे भारी सियासी घमासान के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार (14 जुलाई) को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से हो रहे नुकसान को लेकर केजरीवाल ने सीधे केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए केजरीवाल ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की पेट्रोल पंपों और सर्विस स्टेशनों पर विशेष ड्यूटी लगा दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इन जगहों पर जाएं, प्रभावित वाहन मालिकों की परेशानियां सुनें, उनके वीडियो बनाएं और सोशल मीडिया पर जमकर शेयर करें ताकि जनता के आक्रोश की आवाज को दबाया न जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी को पत्र और दो सूत्री मांग
बताते चले कि, आम आदमी पार्टी के मुखिया ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की दुहाई देते हुए लिखा, “हम एक जनतंत्र में रहते हैं, इसलिए सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए। लोग शिकायत कर रहे हैं कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से गाड़ियों का माइलेज लगातार गिर रहा है और इंजन के महत्वपूर्ण पार्ट्स खराब हो रहे हैं।” केजरीवाल ने सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग यह है कि हर पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं को ‘शुद्ध पेट्रोल’ या ‘E20 पेट्रोल’ में से अपनी पसंद का ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। दूसरी मांग यह है कि कम माइलेज देने वाले E20 पेट्रोल की कीमतें सामान्य ईंधन के मुकाबले काफी कम की जानी चाहिए।
ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान ‘StopE20petrol.com’ की शुरुआत
आपको बता दे कि, बिना तैयारी के देश पर E20 ईंधन थोपे जाने के विरोध में अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ‘स्टॉप E20 पेट्रोल’ (StopE20petrol.com) नामक एक देशव्यापी ऑनलाइन सिग्नेचर कैंपेन की शुरुआत की। इस डिजिटल पोर्टल के जरिए देश का कोई भी नागरिक सीधे प्रधानमंत्री के नाम भेजी जाने वाली याचिका पर हस्ताक्षर कर अपना विरोध दर्ज करा सकता है। केजरीवाल का आरोप है कि लाखों वाहन मालिक माइलेज में गिरावट, इंजन में तकनीकी खराबी और रखरखाव के बढ़ते खर्च से बेहाल हैं, लेकिन केंद्र सरकार हठधर्मिता अपनाकर सब कुछ सामान्य दिखाने का प्रयास कर रही है।
वाहन मालिकों पर दोहरी मार
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि बीते रविवार (12 जुलाई) को उन्होंने स्वयं कई सर्विस स्टेशनों और पेट्रोल पंपों का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान वाहन मालिकों ने शिकायत की कि एथेनॉल की कम ऊर्जा क्षमता के कारण न सिर्फ माइलेज कम हुआ है, बल्कि गाड़ियों के फ्यूल पंप और इंजेक्टर भी तेजी से खराब हो रहे हैं। इससे आम और मध्यम वर्गीय परिवारों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ ईंधन का खर्च बढ़ गया है और दूसरी तरफ गाड़ियों की बार-बार मरम्मत कराने में जेब ढीली हो रही है। केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि जब तक सरकार इस तकनीक को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर लेती, तब तक इसे अनिवार्य करना जनता के साथ अन्याय है।
सोनम वांगचुक के अनशन को ‘आप’ का समर्थन
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का भी खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ रही है, जो बेहद चिंताजनक है। केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। उन्होंने सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की भावुक अपील करते हुए घोषणा की कि वे स्वयं गुरुवार (16 जुलाई) को शाम 5 बजे जंतर-मंतर जाकर वांगचुक से मुलाकात करेंगे।










