Artemis-2 Moon Mission: 54 साल बाद नासा का बड़ा कारनामा, इंसान ने फिर शुरू किया चांद का सफर!

नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस-2 मून मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है। 4 अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ओरियन स्पेसक्राफ्ट 10 दिनों तक चंद्रमा के चक्कर लगाकर और उसकी टेस्टिंग करके पृथ्वी पर वापस लौटेगा।

Artemis-2 Moon Mission

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 2, 2026

Artemis-2 Moon Mission: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने गुरुवार, 2 अप्रैल को आर्टेमिस-2 मून मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च किया। सुबह 4:05 बजे फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) के जरिए ओरियन स्पेसक्राफ्ट को अंतरिक्ष में भेजा गया। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री – रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन – शामिल हैं। ये सभी 10 दिन तक चांद की परिक्रमा करेंगे और फिर पृथ्वी पर लौट आएंगे।

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54 साल बाद चांद की यात्रा

Artemis-2 Moon Mission
54 साल बाद नासा का बड़ा कारनामा

1972 में अपोलो-17 मिशन के बाद पहली बार इंसान चांद की यात्रा पर निकला है। इस मिशन का उद्देश्य चांद पर उतरना नहीं बल्कि ओरियन स्पेसक्राफ्ट की टेस्टिंग करना है। यह स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) से बाहर निकलकर चांद के करीब जाएगा और वहां 10 दिन तक परिक्रमा करेगा। इस दौरान इसके लाइफ सपोर्ट सिस्टम और अन्य तकनीकी क्षमताओं की जांच की जाएगी।

लॉन्च से पहले आई तकनीकी दिक्कत

लॉन्च से लगभग 60 मिनट पहले ‘लॉन्च अबॉर्ट सिस्टम’ में खराबी आ गई थी। यह सिस्टम किसी भी आपात स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बनाया गया है। खराबी से इंजीनियरों में चिंता बढ़ गई थी, लेकिन समय रहते समस्या को ठीक कर लिया गया। इसी वजह से मिशन 10 मिनट की देरी से लॉन्च हुआ। जब सभी इंजीनियरों ने सुरक्षा की पुष्टि दी, तब काउंटडाउन शुरू किया गया।

भविष्य की योजनाएँ

नासा का लक्ष्य आने वाले वर्षों में चांद पर इंसानों को उतारना है।

आर्टेमिस-3 मिशन (2027): इसमें डॉकिंग सिस्टम की टेस्टिंग होगी।

आर्टेमिस-4 मिशन (2028): अगर सब कुछ सफल रहा तो इस मिशन में इंसान चांद की सतह पर कदम रखेगा।

आर्टेमिस-1 मिशन (2022): यह मानवरहित मिशन था, जिसमें ओरियन स्पेसक्राफ्ट की क्षमता और स्पीड की जांच की गई थी। उस दौरान कुछ तकनीकी कमियाँ सामने आई थीं, जिन्हें अब सुधारा गया है।

आर्टेमिस-2 मिशन नासा के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल चांद की यात्रा का पुनः आरंभ है बल्कि भविष्य में मंगल और अन्य ग्रहों पर मानव मिशन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस मिशन से ओरियन स्पेसक्राफ्ट की विश्वसनीयता साबित होगी और आने वाले वर्षों में इंसान को चांद पर उतारने का सपना साकार करने में मदद मिलेगी।

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