Islamabad Peace Talks : ईरान के विदेश मंत्री ने असीम मुनीर से की मुलाकात, कुशनर पहुंचे इस्लामाबाद; शांति की बड़ी तैयारी

इस्लामाबाद के कड़े पहरे के बीच ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की है। दूसरी ओर, ट्रंप के विशेष दूत जेरेड कुशनर भी शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। क्या यह मुलाकातों का दौर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को स्थायी विराम दे पाएगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 25, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Islamabad Peace Talks :  मध्य-पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी दूत शनिवार को ईरान के साथ शांति वार्ता का एक नया दौर शुरू करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गए हैं। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि इस महत्वपूर्ण मिशन का नेतृत्व स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर कर रहे हैं। इस वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी सैन्य और कूटनीतिक गतिरोध को कम करना है।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल का इस्लामाबाद आगमन और रणनीतिक बैठकें

ईरान की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात ही इस्लामाबाद पहुँच चुका है। इस दल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची, उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी, राजदूत रजा अमीरी मोघदम और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई शामिल हैं। तेहरान के लिए यह वार्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अमेरिकी नाकाबंदी और आर्थिक प्रतिबंधों से राहत चाहता है। ईरानी टीम का आगमन इस बात का संकेत है कि वे कूटनीतिक समाधान के लिए गंभीर हैं, भले ही वे सार्वजनिक रूप से सख्त रुख अपना रहे हों।

फील्ड मार्शल असीम मुनीर की मध्यस्थता में अहम मुलाकात

पाकिस्तान इस पूरी वार्ता में एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा रहा है। शनिवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपनी टीम के साथ पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की। तेहरान दूतावास द्वारा साझा किए गए वीडियो में दोनों नेताओं को गंभीर चर्चा करते देखा गया। हालांकि बातचीत का आधिकारिक ब्यौरा साझा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का मानना है कि ईरान ने अपनी प्रमुख शर्तें और प्रस्ताव असीम मुनीर के सामने रख दिए हैं। इस बैठक में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद थे, जो सुरक्षा और प्रोटोकॉल के समन्वय को देख रहे हैं।

व्हाइट हाउस का दावा: “ईरान ने स्वयं किया वार्ता का अनुरोध”

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि ईरानी पक्ष ने स्वयं राष्ट्रपति के माध्यम से संपर्क साधा था और आमने-सामने की बातचीत का अनुरोध किया था। लीविट ने बताया कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को विशेष रूप से समझौते की दिशा में प्रगति करने के लिए भेजा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पहले दौर की वार्ता का नेतृत्व किया था, लेकिन इस बार वे तभी शामिल होंगे जब उनकी उपस्थिति अनिवार्य लगेगी। अमेरिका को उम्मीद है कि यह बैठक मध्य-पूर्व के संकट को सुलझाने में मील का पत्थर साबित होगी।

सीधी वार्ता पर सस्पेंस: ईरान का इनकार और ‘पाकिस्तानी सेतु’

भले ही व्हाइट हाउस आमने-सामने की बातचीत की बात कर रहा हो, लेकिन ईरान का आधिकारिक रुख इसके विपरीत है। ईरानी सरकारी टेलीविजन और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने स्पष्ट किया है कि अराघची की अमेरिकियों से सीधे मिलने की कोई पूर्व योजना नहीं है। ईरान का कहना है कि वे पाकिस्तान के कूटनीतिक चैनल का उपयोग करेंगे और सीधे मेज पर नहीं बैठेंगे। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब दोनों पक्षों के शीर्ष प्रतिनिधि एक ही शहर में मौजूद हैं, तो परदे के पीछे गुप्त बैठकें या औपचारिक आमने-सामने की मुलाकात की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

शांति की उम्मीद या केवल कूटनीतिक औपचारिकता?

इस्लामाबाद इस समय दुनिया की सबसे बड़ी कूटनीतिक जंग का गवाह बना हुआ है। एक तरफ अमेरिका अपनी शर्तों पर शांति चाहता है, तो दूसरी तरफ ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा गारंटी पर अड़ा है। यदि यह वार्ता सफल होती है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार के लिए बड़ी राहत होगी। पाकिस्तान की भूमिका इस बार केवल एक मेजबान की नहीं, बल्कि एक ऐसे कुशल मध्यस्थ की है, जिस पर दोनों प्रतिद्वंद्वी भरोसा जता रहे हैं। अब देखना यह है कि अगले 48 घंटों में इस्लामाबाद से शांति का सफेद धुआं निकलता है या तनाव की लपटें और तेज होती हैं।

Read More :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हज यात्रियों को स्वागत, फर्स्ट एड किट के साथ दी सफल यात्रा की शुभकामनाएं

2