1 April New Rules: 1 अप्रैल से ढीली होगी जेब! क्रेडिट कार्ड से लेकर रेलवे टिकट कैंसिलेशन तक, लागू हो रहे हैं ये नए नियम

1 अप्रैल से लागू हो रहे नए नियमों के तहत अब 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' का झंझट खत्म हो जाएगा और सिर्फ एक 'टैक्स ईयर' (Tax Year) मान्य होगा।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 30, 2026

1 April New Rules: भारत में 1 अप्रैल, 2026 से नए वित्त वर्ष (Financial Year) की शुरुआत होने जा रही है। इस बार का साल बेहद ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि देश में छह दशक पुराने ‘आयकर अधिनियम 1961’ की जगह अब नया ‘आयकर अधिनियम 2025’ लागू होने जा रहा है। टैक्स फाइलिंग से लेकर क्रेडिट कार्ड के बिल और रेलवे टिकट कैंसिलेशन तक, बहुत कुछ बदलने वाला है। आइए जानते हैं उन प्रमुख बदलावों के बारे में जो सीधे आपकी जेब और वित्तीय जिंदगी पर असर डालेंगे।

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1. इनकम टैक्स: ‘FY’ और ‘AY’ का झंझट खत्म, HRA के कड़े नियम

सिंगल टैक्स ईयर

अब तक इस्तेमाल होने वाले ‘फाइनेंशियल ईयर’ (FY) और ‘असेसमेंट ईयर’ (AY) का पुराना सिस्टम खत्म हो जाएगा। अब सिर्फ एक ‘Tax Year’ होगा। यानी जिस साल आप कमाएंगे, वही आपका टैक्स का साल कहलाएगा।

HRA के लिए कड़े नियम

अब मकान किराया भत्ता (HRA) पर टैक्स छूट का दावा करने के लिए मकान मालिक का PAN कार्ड और रेंट पेमेंट का पुख्ता सबूत देना अनिवार्य होगा। हालांकि, दिल्ली और मुंबई जैसे मेट्रो शहरों की लिस्ट में अब पुणे और अहमदाबाद को भी जोड़ लिया गया है, जहाँ रहने वाले कर्मचारियों को 50% तक HRA छूट मिल सकेगी।

ITR फाइलिंग की डेडलाइन

वेतनभोगी (Salaried) कर्मचारियों के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2026 और अन्य श्रेणी के करदाताओं के लिए 31 अगस्त तय की गई है।

2. PAN कार्ड और बड़े ट्रांजैक्शन के नए नियम

आधार से डायरेक्ट PAN नहीं

अब सिर्फ आधार कार्ड के जरिए तुरंत पैन कार्ड नहीं बनेगा। इसके लिए अब स्पेशल फॉर्म (93-96) भरने होंगे।

इन बड़े कामों के लिए PAN अनिवार्य

यदि आप ₹10 लाख से ज्यादा कैश जमा करते हैं, ₹5 लाख से महंगी गाड़ी खरीदते हैं या ₹20 लाख से ऊपर की प्रॉपर्टी डील करते हैं, तो PAN कार्ड देना अनिवार्य होगा।

3. बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड: रिवॉर्ड पॉइंट्स और एक्स्ट्रा चार्ज

टैक्स विभाग की नजर

अगर आप साल भर में ₹10 लाख से ज्यादा का क्रेडिट कार्ड पेमेंट करते हैं, तो इसकी जानकारी सीधे टैक्स विभाग को भेजी जाएगी।

HDFC और PNB

HDFC बैंक अब UPI के जरिए बिना कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने को भी अपनी मंथली फ्री लिमिट में गिनेगा। लिमिट खत्म होने पर हर ट्रांजैक्शन पर ₹23 चार्ज लगेगा।

Axis और YES Bank

एयरटेल एक्सिस कार्ड के कैशबैक नियमों में बदलाव के साथ कुछ डोमेस्टिक लाउंज एक्सेस बंद होंगे। वहीं, यस बैंक से बिजली-पानी के बिल और ट्रांसपोर्ट पेमेंट करने पर 1% अतिरिक्त चार्ज लगेगा।

4. डिजिटल पेमेंट और रेलवे टिकट कैंसिलेशन में सख्ती

Two-Factor Authentication (2FA)

ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए RBI अब डिजिटल ट्रांजैक्शन में OTP के साथ-साथ बायोमेट्रिक या डिवाइस बाइंडिंग जैसे दो सुरक्षा मानकों को अनिवार्य कर रहा है।

रेलवे रिफंड के नियम सख्त

अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक ही टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड की संभावना रहेगी, जबकि पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी। 8 घंटे के अंदर टिकट कैंसिल करने पर कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा।

5. शेयर बाजार, गोल्ड बॉन्ड और आपकी टेक-होम सैलरी

F&O ट्रेडिंग महंगी

फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर लगने वाला सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। ऑप्शंस पर अब यह 0.1% से बढ़कर 0.15% हो जाएगा।

SGB पर टैक्स

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) को मैच्योरिटी पर भुनाने पर टैक्स छूट केवल ओरिजिनल खरीदारों को मिलेगी। सेकेंडरी मार्केट से खरीदने वालों को कैपिटल गेन्स टैक्स देना होगा।

कम हो सकती है इन-हैंड सैलरी: नए लेबर नियमों के तहत बेसिक पे और महंगाई भत्ता कुल सैलरी का कम से कम 50% होना चाहिए। इससे आपका PF और ग्रेच्युटी का पैसा तो बढ़ जाएगा, लेकिन हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी (Take-home salary) थोड़ी कम हो सकती है।

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