Anti Paper Leak Bill 2026: संसद में पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए लाए गए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई है। इससे पहले यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका था। राज्यसभा में विपक्षी दलों के कुछ सदस्यों के वॉकआउट के बीच यह बिल ध्वनि मत से पारित किया गया। केंद्र सरकार का कहना है कि यह कानून सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
अमित शाह ने बताया युवाओं के हित में बड़ा फैसला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि मोदी सरकार ने परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया है। शाह ने कहा कि नया कानून उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा, जो पेपर लीक या अन्य अनुचित तरीकों से परीक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, यह कानून योग्यता आधारित व्यवस्था को मजबूत करेगा और मेहनत करने वाले छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित करेगा।
परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
नए प्रावधानों के तहत प्रश्नपत्र लीक करने या परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले दोषियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को न्यूनतम पांच साल से लेकर अधिकतम दस साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा दोषियों पर भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा। कानून में अधिकतम 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा माफिया और संगठित गिरोहों पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
संगठित अपराध पर और कड़ा शिकंजा
विधेयक में संगठित तरीके से पेपर लीक या परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के लिए और कठोर प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में कम से कम सात साल की सजा और न्यूनतम 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का मानना है कि बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त दंड व्यवस्था जरूरी है। इससे परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं और छात्रों दोनों का भरोसा मजबूत होगा।
परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
केंद्र सरकार के अनुसार, यह संशोधन विधेयक देश की सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से लाया गया है। लगातार सामने आने वाले पेपर लीक मामलों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ाई थी। नए कानून के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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युवाओं की मेहनत और सपनों की रक्षा पर जोर
अमित शाह ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग युवाओं की मेहनत और सपनों के साथ खिलवाड़ करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि नया कानून परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाएगा और योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगा।










