Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी मामले में सीएम धामी का बड़ा फैसला, सीबीआई जांच की सिफारिश की

अंकिता भंडारी हत्याकांड: क्या अब सामने आएगा वो 'VVIP' नाम? सीएम धामी के फैसले से मची खलबली! उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए चल रहे आंदोलन ने सरकार को बड़ा फैसला लेने पर मजबूर कर दिया है। 11 जनवरी के 'उत्तराखंड बंद' के ऐलान और वायरल ऑडियो क्लिप्स के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आधिकारिक तौर पर CBI जांच की सिफारिश कर दी। क्या अब उस रहस्यमयी वीआईपी का सच सामने आएगा?

Ankita Bhandari Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 9, 2026

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Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में घोषणा की कि राज्य की बेटी अंकिता भंडारी मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अंकिता भंडारी के माता-पिता से बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होने देगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

दोषियों को नहीं मिलेगी क्षमा – सीएम धामी

सीएम धामी ने कहा, “अंकिता भंडारी के माता-पिता का सम्मान करते हुए हमने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। हम बहन अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कोई अपराधी बचा नहीं रहेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

न्याय सुनिश्चित करना सरकार का प्राथमिक उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य शुरू से लेकर अंत तक पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में भी यह संकल्प अक्षुण्ण रहेगा और किसी भी मामले में छूट नहीं दी जाएगी।

मामले में SIT का गठन

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता भंडारी के साथ हुई यह अत्यंत दुखद घटना राज्य सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय थी। घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT ने पूरे मामले की गहनता से जांच की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।

अभियुक्तों पर चार्जशीट और सजा

सीएम ने बताया कि SIT ने गहन जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। निचली अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद सभी अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। राज्य सरकार ने अभियुक्तों के खिलाफ प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की, जिससे किसी को भी जमानत नहीं मिल सकी।

जांच की प्रक्रिया जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे मामले में यह साबित होता है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन पर भी जांच प्रक्रिया निरंतर जारी है।

अंकिता हमारी बहन और बेटी थी

पुष्कर धामी ने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी।

न्याय दिलाने के लिए सरकार संकल्पित

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार पहले से ही न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी पूरी दृढ़ता और संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

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