छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हल्लाबोल, नियमितीकरण और 30 हजार वेतन के लिए बुलंद की आवाज

कोयलीबेड़ा   आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर मंगलवार को कोयलीबेड़ा विकासखंड की सैकड़ों कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने तहसील कार्यालय के सामने स्थित रंगमंच में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। धरना स्थल पर हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचीं महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे वर्षों से शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं, लेकिन अब भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अलावा अन्य विभागों के काम भी उनसे लिए जाते हैं। संयुक्त मंच

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Published On :

अक्टूबर 27, 2026

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कोयलीबेड़ा 

 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर मंगलवार को कोयलीबेड़ा विकासखंड की सैकड़ों कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने तहसील कार्यालय के सामने स्थित रंगमंच में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। धरना स्थल पर हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचीं महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे वर्षों से शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं, लेकिन अब भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अलावा अन्य विभागों के काम भी उनसे लिए जाते हैं।

संयुक्त मंच की प्रमुख मांगें

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मंच ने नियमितीकरण होने तक श्रम कानून के तहत कार्यकर्ताओं को 30 हजार और सहायिकाओं को 25 हजार 500 रुपये मासिक मानदेय देने की मांग की। कार्यकर्ताओं को पर्यवेक्षक और सहायिकाओं को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नति देने, पदोन्नति में आयु सीमा समाप्त करने तथा समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और पीएफ की सुविधा देने की मांग रखी।

मुख्यमंत्री और विभाग के मंत्रियों को सौंपा गया ज्ञापन

ज्ञापन में आकस्मिक मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति, सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ताओं को पांच लाख और सहायिकाओं को तीन लाख रुपये की एकमुश्त राशि तथा मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष एक हजार रुपये मानदेय वृद्धि की मांग भी शामिल है। ज्ञापन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विभागीय सचिव के नाम सौंपा गया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।